जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे आइसा के तीन कार्यकर्ताओं की तबीयत बिगड़ी
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे आइसा के तीन कार्यकर्ताओं की तबीयत बिगड़ी
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे तीन छात्र कार्यकर्ताओं की तबीयत शनिवार को बिगड़ गयी। आंदोलन के आयोजकों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने अनशन के 21वें दिन तीनों कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लेने की कोशिश की।
इस आंदोलन में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। जिसमें सोनम वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ता नेहा, आमीन और मनीष भी अनशन पर हैं।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से वांगचुक को तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप उन्हें ‘‘आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल’’ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नेहा ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह करीब सात बजे ‘‘सादे कपड़ों में कुछ लोग मंच के पास पहुंचे’’, जिसके बाद चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर पुलिस वांगचुक को ‘‘जबरन वहां से ले गई।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उस तंबू में प्रवेश करने की भी कोशिश की, जहां तीनों आंदोलनकारी ठहरे हुए थे और उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया।
नेहा ने दावा किया, ‘‘बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण पुलिस हमें हिरासत में नहीं ले सकी।’’ उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आइसा द्वारा साझा किए गए वीडियो और बयानों के अनुसार, कई छात्रों और कार्यकर्ताओं ने अनशन कर रहे तीनों छात्रों के चारों ओर मानव शृंखला बना ली, ताकि पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल से न हटा सके।
आयोजकों ने लोगों से अपील की कि भूख हड़ताल के 21वें दिन तीनों छात्रों के समर्थन में बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें।
यह घटनाक्रम 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सामने आया है। यह मार्च कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने बुलाया है, जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है।
भाषा गोला वैभव
वैभव

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