Jantar Mantar Protest: ‘ये पुलिस नहीं बल्कि RSS के गुंडे हैं’, जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर बवाल, पुलिस की कार्रवाई पर भड़के अभिजीत दीपके, लगाए ये गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest: 'ये पुलिस नहीं बल्कि RSS के गुंडे हैं', जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर बवाल, पुलिस की कार्रवाई पर भड़के अभिजीत दीपके, लगाए ये गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest: ‘ये पुलिस नहीं बल्कि RSS के गुंडे हैं’, जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर बवाल, पुलिस की कार्रवाई पर भड़के अभिजीत दीपके, लगाए ये गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest | Photo Credit: AI

Modified Date: July 18, 2026 / 10:25 am IST
Published Date: July 18, 2026 10:24 am IST
HIGHLIGHTS
  • भूख हड़ताल के 21वें दिन बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत
  • अस्पताल में कराया गया भर्ती
  • अभिजीत दीपके का आरोप – पुलिस ने जबरदस्ती घसीटकर हटाया

नईदिल्ली: Jantar Mantar Protest देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में समाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं। लेकिन शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार को पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। (Sonam Wangchuk Health) अस्पताल के बाहर भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं।

अभिजीत दीपके ने लगाया गंभीर आरोप

Sonam Wangchuk Hunger Strike आंदोलन में मौजूद कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध धरना स्थल से हटाया गया और वहां मौजूद लोगों को तितर-बितर करने की कोशिश की गई। वहीं दूसरी ओर कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि “सुबह 7 बजे जब वे फ्रेश होने के लिए बाहर निकले, तो पुलिस के गुंडे वहां आ गए। वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर ले गए। 60 साल के एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और जिन्होंने कुछ भी नहीं खाया था, उन्हें दिल्ली पुलिस जबरदस्ती घसीटकर ले गई। हमें नहीं पता कि वे उन्हें कहां ले गए हैं। जब मुझे यह खबर मिली और मैं अपने दोस्त के घर से जंतर-मंतर जा रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की। ये पुलिस अधिकारी नहीं हैं; ये RSS के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश लौटा था; क्या मैं अपराधी हूं? वे गुंडे हैं पुलिस नहीं, बल्कि RSS के गुंडे”

हाई कोर्ट के निर्देश पर अस्पताल ले गई पुलिस

दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि- हाई कोर्ट के आदेशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाई कोर्ट के आदेशों का पालन करते समय प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफ़रा-तफ़री मची; हालाँकि, पुलिस ने संयम बरता और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से उस जगह को खाली कर दें।

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