रांची में महिला और उसकी बेटी के चेहरे पर कालिख पोतने के मामले में तीन लोग गिरफ्तार

रांची में महिला और उसकी बेटी के चेहरे पर कालिख पोतने के मामले में तीन लोग गिरफ्तार

रांची में महिला और उसकी बेटी के चेहरे पर कालिख पोतने के मामले में तीन लोग गिरफ्तार
Modified Date: April 3, 2026 / 05:09 pm IST
Published Date: April 3, 2026 5:09 pm IST

रांची, तीन अप्रैल (भाषा) झारखंड के रांची जिले में 28 वर्षीय महिला और उसकी बेटी को सार्वजनिक तौर पर अपमानित किए जाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत भाभानगर कॉलोनी में 29 मार्च को पीड़ितों के चेहरों पर कालिख पोतने के बाद उनके पड़ोसियों द्वारा उन्हें पैदल घुमाया गया।

सदर थाने के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संजीव बेसरा ने कहा, ‘‘अब तक हमने दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। आरोपी गुंजा श्रीवास्तव (32) को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले मुख्य आरोपी पंकज सिंह (28) और संताना कुमारी (28) को गिरफ्तार किया गया था।

डीएसपी ने बताया कि पीड़ितों की लिखित शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सदर थाने के प्रभारी कुलदीप कुमार के मुताबिक, जांच के दौरान यह बात सामने आई कि घटना से चार-पांच दिन पहले पीड़ित महिला के पति ने पंकज को बिना बताए उसकी मोटरसाइकिल ले ली थी और वे पड़ोसी हैं तथा एक ही कॉलोनी में किराए के मकानों में रहते हैं।

उन्होंने बताया कि पंकज ने पीड़िता के पति पर अपनी मोटरसाइकिल चुराने का आरोप लगाया था और महिला (पीड़ित) ने स्वीकार किया कि उसके पति ने मोटरसाइकिल ली है तथा वह उसे लौटा देगा।

थाना प्रभारी ने बताया कि घटना वाले दिन आरोपी ने अपनी महिला मित्र और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर पीड़िता और उसकी बेटी को पकड़ लिया, उसके चेहरे पर काला रंग पोत दिया और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया अध्यक्ष सतीश पॉल मुंजिनी ने एक आदिवासी महिला और उसकी बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की है।

मुंजिनी ने इस घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

इससे पहले बृहस्पतिवार को कुछ आदिवासी संगठनों ने कॉलोनी में प्रदर्शन किया। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की।

भाषा यासिर अविनाश

अविनाश


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