पंजाब के होशियारपुर में आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के मामले में तीन लोग गिरफ्तार
पंजाब के होशियारपुर में आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के मामले में तीन लोग गिरफ्तार
होशियारपुर, 18 अप्रैल (भाषा) होशियारपुर में पुलिस ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के मामले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के तार प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यह घटना 30 और 31 मार्च की दरमियानी रात नूरपुर जट्टन गांव में हुई, जहां नहर के पास एक कमरे की छत पर स्थापित प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संदीप कुमार मलिक ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत माहिलपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक (डिटेक्टिव) मनप्रीत शिम्मर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गईं।
तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने बरियां कलां गांव के निवासी गुरकीरत सिंह (26) की मुख्य आरोपी के रूप में पहचान की।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि उससे की गई प्रारंभिक पूछताछ में दो अन्य साथियों मोहाली निवासी बबनदीप सिंह (20) और साहिलप्रीत सिंह (22) के कथित संलिप्तता की जानकारी मिली। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी के अनुसार, आरोपियों ने विदेश में बैठे आकाओं के इशारे पर इस वारदात को अंजाम दिया और उन्हें रुपयों का लालच दिया गया था।
मलिक ने कहा, “जांच के दौरान यह सामने आया है कि साजिश के तार एसएफजे और उसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े हो सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संबंधो की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक छड़ और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मलिक ने बताया कि गुरकीरत सिंह 2023 में अवैध तरीके से अमेरिका गया था और 2025 में उसे निर्वासित कर भारत वापस भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार विदेश में रहने के दौरान उसके एसएफजे से जुड़े लोगों के संपर्क में आने और भारत लौटने के बाद भी उनसे संपर्क बनाए रखने का संदेह है।
उसने बताया कि आरोपियों को इस वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 50,000 रुपये दिए गए थे।
भाषा खारी धीरज
धीरज

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