हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिये तीन उम्मीदवार मैदान में
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिये तीन उम्मीदवार मैदान में
चंडीगढ़, नौ मार्च (भाषा) हरियाणा की दो राज्यसभा सीट के लिए नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो गई और अब 16 मार्च को होने वाले चुनाव में तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
अधिकारियों ने बताया कि भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मैदान में हैं।
हरियाणा की दो राज्यसभा सीट रिक्त होने वाली हैं। भाजपा सदस्य किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
प्रदेश में हुये 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में असफल रहे नांदल ने बृहस्पतिवार को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया और संजय भाटिया तथा कर्मवीर सिंह बौद्ध के बाद इस दौड़ में शामिल होने वाले तीसरे उम्मीदवार बन गए।
हरियाणा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 48, कांग्रेस के 37 तथा इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो सदस्य हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं। दो सीट पर प्रत्येक उम्मीदवार को राज्यसभा में जाने के लिये 31-31 मतों की आवश्यकता होगी।
विधानसभा में 37 सदस्यों वाली कांग्रेस के पास अपने एक उम्मीदवार को राज्यसभा पहुंचाने के लिये आवश्यक संख्या बल है। हालांकि, क्रॉस-वोटिंग की स्थिति में उसकी संभावना खतरे में पड़ सकती है।
मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी।
नांदल से जब यह पूछा गया कि क्या वह अब भी भाजपा में हैं, तो उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर हैं।
नांदल को जीत के लिए भाजपा के 17 द्वितीय वरीयता वोट, निर्दलीय विधायकों के तीन वोट, भारतीय राष्ट्रीय लोक दल के दो वोट और कांग्रेस विधायकों के कम से कम आठ मतों की आवश्यकता होगी।
बृहस्पतिवार को नामांकन पत्र दाखिल करते समय नांदल के साथ निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, राजेश जून और देवेंद्र कादियान भी मौजूद थे। ये तीनों विधायक हरियाणा में नायब सिंह सैनी सरकार का समर्थन कर रहे हैं।
भाषा रंजन दिलीप
दिलीप

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