मंगलुरु में बारिश से मकान ढहा, तीन लोगों की मृत्यु

मंगलुरु में बारिश से मकान ढहा, तीन लोगों की मृत्यु

मंगलुरु में बारिश से मकान ढहा, तीन लोगों की मृत्यु
Modified Date: July 1, 2026 / 09:47 pm IST
Published Date: July 1, 2026 9:47 pm IST

मंगलुरु (कर्नाटक), एक जुलाई (भाषा) भारी बारिश के कारण बुधवार तड़के यहां भूस्खलन से एक मकान ढहने से उसके मलबे में दबकर तीन लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य तीन लोगों को बचा लिया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि यह घटना रातभर भारी बारिश के बाद मंगलुरु के नागोरी क्षेत्र में तब घटी जब भूस्खलन से मकान ढह गया जिससे परिवार के छह सदस्य मलबे की नीचे दब गए। अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी, अग्नि एवं आपात सेवाओं के कर्मी और अन्य बचाव टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।

अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान शांता (46), उनकी आठ वर्षीय बेटी अनामिका चौरसिया और चार साल की बेटी परी के रूप में की गई है। अधिकारियों के अनुसार वहीं तीन अन्य लोगों बालकृष्ण (48), अलका (14) और अनुष्का (11) को मलबे से जीवित निकाल लिया गया और इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने बताया कि मूलरूप से बिहार का रहने वाला यह परिवार पिछले दो दशकों से कांकानाडी इलाके में रह रहा था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तथ्यों से संकेत मिलता है कि लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी से मिट्टी का एक बड़ा ढेर मकान के ऊपर आ गिरा जिससे मकान ढह गया।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मी बाद में इस राहत एवं बचाव अभियान में शामिल हुए। तीन व्यक्तियों के शव मलबे से बाहर निकाल लिए गए हैं जिसके बाद बचाव अभियान खत्म हुआ।

दक्षिण कन्नड़ के उपायुक्त दर्शन ने घटनास्थल का दौरा करके स्थिति की समीक्षा की। जिला प्रशासन ने पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक उपाय करने का आग्रह किया है क्योंकि इस तटीय जिले में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

इस बीच, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू टी खादर ने बुधवार दोपहर घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता, लेकिन इस आपदा को संपूर्ण तटीय क्षेत्र के लिए शुरुआती चेतावनी के तौर पर लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस घटना के तुरंत बाद पुलिस, स्थानीय लोग और आपात सेवा के कर्मी हरकत में आए। खादर ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन घायलों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराएगा।

खादर ने कहा कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा, भले ही वे दूसरे प्रदेश के रहने वाले हैं क्योंकि हर जीवन मूल्यवान है। इसके बाद, मंत्री ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि वह सरकार से अधिकतम वित्तीय राहत दिलाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने पूरे जिले में भूस्खलन संभावित और संवेदनशील स्थानों की पहचान की है और उच्च जोखिम वाले इलाकों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

उन्होंने यह भी कहा कि क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत के लिए मकान मालिक को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि विस्थापित परिवार फिर से वहां आकर रह सके।

भाषा सं राजेंद्र अमित

अमित


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