लखीमपुर खीरी में दो लोगों को मारने वाली बाघिन की मौत

लखीमपुर खीरी में दो लोगों को मारने वाली बाघिन की मौत

लखीमपुर खीरी में दो लोगों को मारने वाली बाघिन की मौत
Modified Date: June 26, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: June 26, 2026 3:41 pm IST

लखीमपुर खीरी (उप्र), 26 जून (भाषा) लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा बफर ज़ोन के रामनगर इलाके में चार साल की बाघिन की मौत हो गई जिसे बेहोश करके पकड़ा गया था। इससे पहले उसने दो लोगों को मार डाला था।

अधिकारियों के अनुसार मौत की वजह पेट में गंभीर सूजन और राउंडवॉर्म व टेपवॉर्म जैसे परजीवियों के गंभीर संक्रमण की आशंका जताई जा रही है।

दुधवा बफर जोन की उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि बरेली स्थित भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शुरुआती तौर पर ये बातें सामने आई हैं। यह रिपोर्ट बृहस्पतिवार शाम को आई।

गत 23 जून को पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद ही बाघिन की मौत हो गई थी। पूरे दिन सामान्य दिखने के बावजूद शाम को वह अचानक गिरकर मर गई। इसके बाद दुधवा प्रशासन ने मौत की असल वजह जानने के लिए शव पोस्टमॉर्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा था।

चौधरी ने बताया कि शुरुआती जांच में बाघिन के पेट और आंतों में गहरे अल्सर मिले। उन्होंने कहा कि ये अल्सर हेमोरेजिक गैस्ट्राइटिस और गंभीर परजीवी संक्रमण की वजह से हुए थे, जिससे बहुत ज्यादा खून बह गया।

उन्होंने कहा कि गर्मी और पकड़े जाने के तनाव ने पहले से मौजूद अंदरूनी बीमारियों को बढ़ा दिया होगा, जिससे उसकी अचानक मौत हो गई।

कीर्ति चौधरी ने बताया कि हिस्टोपैथोलॉजिकल, टॉक्सिकोलॉजिकल और कैनाइन डिस्टेंपर व पार्वोवायरस जांच वाली अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट कुछ दिन में मिलने की उम्मीद है, जिससे मौत की असल वजह साफ हो जाएगी।

दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के क्षेत्र निदेशक डॉ. एच. राजमोहन ने भी इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘आजाद घूमने वाले जंगली जानवर को पकड़ने से वह बहुत तनाव में आ जाता है। पहले से बीमार जानवर के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है।’

डॉ. राजमोहन ने बताया, ’23 जून की सुबह पकड़े जाने के बाद ट्रैंक्विलाइजर का असर खत्म होते ही बाघिन होश में आ गई थी और स्वस्थ लग रही थी। पूरे दिन उसका व्यवहार सामान्य रहा। हमने उसे ठंडा और शांत रखने के सभी प्रोटोकॉल अपनाए, लेकिन अचानक गिरकर उसकी मौत ने सभी को चौंका दिया।’

उन्होंने कहा कि आईवीआरआई से अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

भाषा सं आनन्‍द वैभव

वैभव


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