विवादों का समयबद्ध निस्तारण राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : मेघवाल

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विवादों का समयबद्ध निस्तारण राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : मेघवाल

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  • Publish Date - July 6, 2026 / 12:00 AM IST,
    Updated On - July 6, 2026 / 12:00 AM IST

जयपुर, पांच जुलाई (भाषा) केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को सुधार संबंधी विचारों को ठोस और मापनीय परिणामों में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि विवादों का समयबद्ध निस्तारण राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मेघवाल ने माउंट आबू में आयोजित दो दिवसीय ‘रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर-2026’ के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय मिलने में देरी से देश के बहुमूल्य संसाधन अवरुद्ध हो जाते हैं और आर्थिक प्रगति भी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘समय पर विवादों का समाधान राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग है। न्याय में देरी न केवल नागरिकों को प्रभावित करती है, बल्कि आर्थिक विकास की गति भी धीमी कर देती है।’’

उन्होंने अधिकारियों से परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।

विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि कार्य विभाग और विधायी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का समापन ‘माउंट आबू घोषणा’ को अपनाने के साथ हुआ। इस घोषणा में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रौद्योगिकी आधारित और नागरिक-केंद्रित विधिक व्यवस्था विकसित करने के लिए सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

मेघवाल ने निरंतर सुधारों की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्ममंथन और परिवर्तन के दृष्टिकोण का उल्लेख किया तथा विभिन्न विभागों से समन्वित तरीके से कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री का उद्धरण देते हुए कहा, ‘‘यही समय है, सही समय है, भारत का अनमोल समय है,’’ और अधिकारियों से इस अवसर का उपयोग सार्थक सुधारों के लिए करने की अपील की।

इससे पहले, विधि कार्य विभाग के सचिव राजीव मणि ने विचार-विमर्श से उभरकर सामने आए प्रमुख सुधार एजेंडे की जानकारी दी। इनमें विधायी आधुनिकीकरण, डिजिटल परिवर्तन, मुकदमों का प्रभावी प्रबंधन और वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र को बढ़ावा देना शामिल है।

उन्होंने बताया कि ‘संकल्प पत्र’ में संस्थागत उत्कृष्टता, क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से विधिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, दो दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श और समूह सत्र आयोजित किए गए, जिनके आधार पर मंत्रालय के लिए एक समेकित सुधार रोडमैप तैयार किया गया।

भाषा

बाकोलिया रवि कांत