शीर्ष शिक्षाविदों ने एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की

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शीर्ष शिक्षाविदों ने एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की

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  • Publish Date - February 23, 2026 / 12:35 PM IST,
    Updated On - February 23, 2026 / 12:35 PM IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) देश के 160 शिक्षाविदों ने पिछले सप्ताह ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस की युवा शाखा द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन को ‘‘बहुत खेदजनक और नासमझी भरा’’ काम करार दिया तथा कहा कि यह विपक्षी पार्टी की वैध लोकतांत्रिक असहमति तथा वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा करने की अनिवार्यता के बीच अंतर करने में असमर्थता को दर्शाता है।

शिक्षाविदों ने सोमवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि ‘‘राहुल गांधी से जुड़े’’ विरोध प्रदर्शन ने ऐसे समय में एक ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण धारणा’’ पेश की है जब वैश्विक निवेशक और प्रौद्योगिकी से जुड़े लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों में दीर्घकालिक भागीदार के रूप में भारत की विश्वसनीयता का आकलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सांसद होने के नाते रचनात्मक लोकतांत्रिक आलोचना और ऐसे कार्यों के बीच अंतर करने की संवैधानिक जिम्मेदारी होती है, जो वैश्विक स्तर पर अनजाने में भारत की प्रतिष्ठा को कमजोर कर सकते हैं।’’

संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत, आईआईटी धारवाड़ के निदेशक वेंकप्पैया आर. देसाई, आईआईटी जोधपुर के निदेशक अविनाश कुमार अग्रवाल और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा प्रोफेसर शामिल थे।

पिछले शुक्रवार को भारत मंडपम में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान एक प्रदर्शनी हॉल में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कमीज उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। वे ऐसी टी-शर्ट लेकर घूम रहे थे जिन पर सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे छपे हुए थे। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया।

दिल्ली पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में अब तक युवा कांग्रेस के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।

विरोध प्रदर्शन के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए शिक्षाविदों ने कहा कि ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ एक निर्णायक राष्ट्रीय और सभ्यतागत क्षण है।

उन्होंने कहा कि यह भारत की तरफ से दुनिया को स्पष्ट संदेश था कि देश चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में एक गंभीर और संप्रभु तकनीकी शक्ति के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा, “एआई इम्पैक्ट समिट में भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा किया गया हालिया विरोध प्रदर्शन बेहद निंदनीय और नासमझी भरा था। यह न तो कोई दलीय मंच था और न ही घरेलू राजनीतिक प्रचार का स्थान। यह एक अंतरराष्ट्रीय मंच था जहां भारत दुनिया के सामने अपनी तकनीकी क्षमताओं, रणनीतिक दृष्टि और राष्ट्रीय क्षमता का प्रदर्शन कर रहा था।”

शिक्षाविदों ने कहा, ‘‘जब चीन और पाकिस्तान जैसे विरोधी देशों द्वारा सार्वजनिक रूप से शिखर सम्मेलन के महत्व पर सवाल उठाए जाने या उसे कमतर आंकने की कोशिश किए जाने के दौरान अगर कोई भी घरेलू राजनीतिक कदम उठाया जाता है तो ये विरोधी देशों की बातों को दोहराने जैसा प्रतीत होता है, जिसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए।’’

भाषा यासिर वैभव

वैभव