उच्चतम न्यायालय के प्रतिबंध के बावजूद असम के मोरीगांव में पारंपरिक भैंसों की लड़ाई आयोजित

उच्चतम न्यायालय के प्रतिबंध के बावजूद असम के मोरीगांव में पारंपरिक भैंसों की लड़ाई आयोजित

उच्चतम न्यायालय के प्रतिबंध के बावजूद असम के मोरीगांव में पारंपरिक भैंसों की लड़ाई आयोजित
Modified Date: January 16, 2026 / 12:22 am IST
Published Date: January 16, 2026 12:22 am IST

मोरीगांव (असम), 15 जनवरी (भाषा) मध्य असम के मोरीगांव जिले के कुछ इलाकों में माघ बिहू उत्सव के हिस्से के रूप में बृहस्पतिवार को ‘मोह जुज’ (पारंपरिक भैंसों की लड़ाई) का आयोजन किया गया।

उच्चतम न्यायालय द्वारा ऐसे मुकाबलों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद यह आयोजन किया गया।

स्थानीय मीडिया खबरों के अनुसार, बैद्यबोरी और अहतगुरी में हुए इन आयोजनों में आसपास के लोगों ने भाग लिया और अधिकारियों ने मामले को विचाराधीन बताते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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बैद्यबोरी में भैंसों के 40 से अधिक जोड़े उनके मालिकों द्वारा लाए गए थे और कुछ मुकाबले 20 मिनट से अधिक समय तक जारी रहे। अहतगुरी मुकाबलों में 33 जोड़ियों ने भाग लिया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। यह पारंपरिक आयोजन माघ बिहू फसल उत्सव के साथ ही आयोजित किया जाता है।

असम सरकार ने 2023 में माघ बिहू के दौरान भैंसों तथा बुलबुल पक्षियों की लड़ाई की अनुमति देने वाली एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की थी, लेकिन गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने 2014 के उच्चतम न्यायालय के फैसले के उल्लंघन का हवाला देते हुए दिसंबर 2024 में इसे रद्द कर दिया।

भाषा यासिर प्रशांत

प्रशांत


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