केरल में पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की तीसरी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई

केरल में पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की तीसरी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई

केरल में पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की तीसरी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई
Modified Date: July 18, 2026 / 10:28 am IST
Published Date: July 18, 2026 10:28 am IST

कोट्टायम (केरल), 18 जुलाई (भाषा) कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की तीसरी पुण्यतिथि पर राज्यभर में विभिन्न स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए और उन्हें आम लोगों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले नेता के रूप में याद किया।

पुथुपल्ली में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गयीं, जहां चांडी ने पांच दशक से अधिक समय तक विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। कांग्रेस नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सेंट जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स चर्च स्थित उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।

तिरुवनंतपुरम स्थित केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) मुख्यालय और राज्यभर के जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) कार्यालयों में भी स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए गए।

केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में चांडी को ‘‘जननेता’’ बताते हुए कहा कि उनके निधन से लाखों लोग शोकाकुल हो गए थे।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर के केरलवासी इस बात पर गर्व करते थे कि संकट की घड़ी में चांडी फोन कॉल या एक आवेदन के जरिए हमेशा उनकी मदद के लिए उपलब्ध रहते थे।

सतीशन ने कहा, ‘‘कोई भी अब दूसरा चांडी नहीं होगा। उन्होंने हर जनप्रतिनिधि को यह सिखाया कि आम लोगों को गले लगाना और उनके साथ खड़े रहना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।’’

पर्यटन मंत्री पी. सी. विष्णुनाध ने चांडी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कहा कि कांग्रेस का यह दिग्गज नेता उनके साथ काम करने वाले लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसा एक भी दिन नहीं गुजरता जब हम चांडी को याद न करते हों। कभी उनसे जुड़े किसी व्यक्ति के कारण, कभी किसी मुद्दे के कारण और कभी सिर्फ उनकी यादों के कारण।’’

युवा नेताओं को आगे बढ़ाने में चांडी की भूमिका का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि न तो वह और न ही कांग्रेस सांसद शफी परम्बिल किसी राजनीतिक परिवार से आते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम साधारण परिवारों से आए और केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के कार्यकर्ता बने। चांडी ने ही हमें पहचाना, विधानसभा तक पहुंचाया और आज हम जहां हैं, वहां तक पहुंचने में हमारा मार्गदर्शन किया।’’

शफी परम्बिल ने संवाददाताओं से कहा कि चांडी की सबसे बड़ी विरासत गरीबों और वंचितों की आजीवन सेवा करने की उनकी प्रतिबद्धता है।

उन्होंने कहा, ‘‘उनके जाने से जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे कभी भरा नहीं जा सकता। कोई भी उनका स्थान नहीं ले सकता। लेकिन उनका कार्य जारी है और चांडी की विरासत इस भूमि के लोगों को आगे भी लाभ पहुंचाती रहेगी।’’

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि सार्वजनिक जीवन में अपने साथियों के साथ लंबी यात्रा करने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता को विदा हुए तीन वर्ष बीत चुके हैं।

चेन्निथला ने कहा कि आज भी जब कभी वह अपने मन की बात साझा करने की सोचते हैं तो सहज ही चांडी को तलाशने लगते हैं और उनकी अनुपस्थिति एक मौन खालीपन का एहसास कराती है।

भाषा गोला वैभव

वैभव


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