नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई और दिवंगत गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई।
सदन की बैठक शुरू होने पर राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई और गायिका आशा भोसले के निधन की जानकारी दी।
सभापति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 1932 को जन्मी मोहसिना किदवई राजनीति में सक्रिय रहीं। ‘‘वह आजमगढ़ से छठी और मेरठ संसदीय क्षेत्र से सातवीं तथा आठवीं लोकसभा की सदस्य थीं। उन्होंने 2004 और 2016 के बीच राज्यसभा में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था।’’
उनका नौ अप्रैल को 94 वर्ष की उम्र में उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में निधन हो गया।
भारतीय संगीत में उत्कृष्ट योगदान देने वाली पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि वह भारतीय संगीत की सबसे बहुमुखी प्रतिभा संपन्न और लोकप्रिय आवाजों में से एक थीं।
उन्होंने कहा ‘‘आशा भोसले की आवाज में विविधता ने उन्हें विभिन्न शैलियों में सहजता से गाने की क्षमता प्रदान की, जिससे उन्होंने भावपूर्ण गजलों और पारंपरिक भजनों में महारत हासिल की। उन्होंने हर शैली के गीत गाये और भारतीय संगीत पर अमिट छाप छोड़ी।’’
सभापति ने कहा, ‘‘उनकी कालजयी आवाज और संगीत की विरासत लाखों लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।’’
आशा भोसले का गत 12 अप्रैल को मुंबई में निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।
सदन में सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर मोहसिना किदवई और आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी।
भाषा
मनीषा माधव
माधव