तृणमूल ने मतगणना एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश देने में देरी का आरोप लगाया

तृणमूल ने मतगणना एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश देने में देरी का आरोप लगाया

तृणमूल ने मतगणना एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश देने में देरी का आरोप लगाया
Modified Date: May 4, 2026 / 09:25 am IST
Published Date: May 4, 2026 9:25 am IST

कोलकाता, चार मई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार एवं पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मंत्री शशि पांजा ने सोमवार को आरोप लगाया कि चुनाव कर्मी शहर में मतगणना केंद्रों पर राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंटों को प्रवेश देने में देरी कर रहे हैं।

पांजा ने दावा किया कि चुनाव कर्मियों को मतगणना केंद्रों पर की गई व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी नहीं है।

काकद्वीप से पार्टी के उम्मीदवार मंतूराम पाखिरा ने भी इसी तरह का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र पर मतगणना एक घंटे की देरी से शुरू हुई।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुई। नतीजों से यह तय होगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में लौटती है या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में पहली बार सरकार बनाकर इतिहास रचती है।

पांजा ने कहा, ‘‘केंद्रों के प्रवेश द्वारों पर भ्रम की स्थिति के कारण चुनाव कर्मी मतगणना प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। वे मतगणना एजेंटों को प्रवेश देने में देरी कर रहे हैं, क्योंकि वे व्यवस्थाओं को लेकर असमंजस में दिख रहे हैं।’’

काकद्वीप में पाखिरा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा कि कई मतगणना अधिकारी ‘‘अभी तक अपनी-अपनी मेजों पर नहीं पहुंचे हैं। यह निर्वाचन आयोग के पूरी तरह कुप्रबंधन को दिखाता है।’’

राज्य के 23 जिलों में 77 केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे के बीच 294 में से 293 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना हो रही है। इसके साथ ही 2,926 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।

भाषा

सिम्मी वैभव

वैभव


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