तृणमूल ने शाह को केंद्र और बंगाल सरकार के प्रदर्शन पर बहस करने की दी चुनौती
तृणमूल ने शाह को केंद्र और बंगाल सरकार के प्रदर्शन पर बहस करने की दी चुनौती
कोलकाता, आठ मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार के प्रदर्शन पर बहस करने की चुनौती दी। साथ ही, बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राष्ट्रपति पद को राजनीतिक मुद्दों में घसीटकर “ओछी राजनीति” करने का आरोप लगाया।
तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्येक भारतीय बच्चे को 1.4 लाख रुपये से अधिक के कर्ज के बोझ तले धकेल रही है।
डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य बनर्जी ने कहा कि अगर भाजपा वास्तव में राष्ट्रपति का सम्मान करती है, तो उन्हें नये संसद भवन के उद्घाटन जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम और अयोध्या में राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा में आमंत्रित किया जाना चाहिए था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे पर अपने स्वागत के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री या राज्य मंत्रिमंडल का कोई सदस्य मौजूद नहीं होने पर नाराजगी जतायी थी जहां वह एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंची थीं। इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
भाजपा के उन आरोपों का खंडन करने के लिए कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रपति का अपमान किया है, बनर्जी ने एक पुराने कार्यक्रम की तस्वीर का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें मुर्मू खड़ी हैं जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी बैठे हुए हैं।
यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि तस्वीर कब ली गई थी।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा अब राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल चुनिंदा रूप से कर रही है।
पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति और कानून व्यवस्था पर शाह की हालिया टिप्पणी का खंडन करते हुए, बनर्जी ने पांच दिन पहले राज्य में अमित शाह द्वारा दिए गए भाषण को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताया।
शाह के इस दावे पर कि पश्चिम बंगाल पर 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, तृणमूल सांसद बनर्जी ने केंद्रीय आंकड़ों का हवाला देते हुए पलटवार किया।
उन्होंने कहा, “2014 में नरेन्द्र मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले देश का कर्ज 56 लाख करोड़ रुपये था। आज यह बढ़कर 197 लाख करोड़ रुपये हो गया है।”
उन्होंने कहा, “गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल में पैदा होने वाले एक बच्चे पर 77,000 रुपये का कर्ज है। लेकिन सच्चाई यह है कि मोदी सरकार के शासन में भारत में पैदा होने वाले हर बच्चे पर 1.44 लाख रुपये का कर्ज है। मैं केंद्र सरकार को चुनौती देता हूं कि वह मुझे गलत साबित करे या मथुरापुर के लोगों से माफी मांगे।”
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बनर्जी ने महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा शासित राज्यों पर भी निशाना साधा। नवीनतम रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि बलात्कार और दहेज हत्या सहित महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान सबसे ऊपर हैं।
उन्होंने कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराधों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार भाजपा की ‘‘डबल-इंजन’’ सरकारों को जाता है।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले नगर दिल्ली में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या अधिक है।
बनर्जी ने केंद्र पर पश्चिम बंगाल में मनरेगा, आवास और पेयजल परियोजनाओं आदि के लिए धनराशि रोकने का आरोप लगाया और दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य संसाधनों का उपयोग करते हुए हस्तक्षेप किया है।
उन्होंने कहा, “केंद्र ने आवास योजना की धनराशि रोक दी, लेकिन हमारी सरकार ने अपने कोष से एक लाख से अधिक लाभार्थियों को आवास के लिए 1.2 लाख रुपये की दर से सहायता राशि प्रदान की है।”
बनर्जी ने कहा कि राज्य की युवा साथी योजना में लगभग 79 लाख पंजीकरण हुए हैं और बजट घोषणा के एक महीने के भीतर ही लाभार्थियों के बैंक खातों में धनराशि पहुंचनी शुरू हो गई है।
शाह को खुली बहस के लिए चुनौती देते हुए बनर्जी ने कहा, ‘आप मोदी सरकार के 12 वर्षों का अपना रिपोर्ट कार्ड लाइए और मैं दीदी (ममता बनर्जी) सरकार के 14 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड लाऊंगा। तब पता चलेगा कि जनता के लिए किसने अधिक काम किया है।’
व्यक्तिगत कटाक्ष करते हुए बनर्जी ने अपनी चुनावी जीत की तुलना केंद्रीय गृह मंत्री के बेटे जय शाह के उदय से की। उन्होंने कहा, ‘मैंने जनता की अग्नि-परीक्षा तीन बार झेली है और 71,000, 3.22 लाख और 7.11 लाख मतों के अंतर से जीत हासिल की है। मैं अमित शाह से पूछना चाहता हूं कि उनके बेटे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का अध्यक्ष बनने के लिए कौन सी अग्नि-परीक्षा दी थी?’
इससे पहले दिन में, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक पोस्ट में, बनर्जी ने कहा कि यह मौका समाज को आकार देने वाली महिलाओं की ताकत, गरिमा को रेखांकित करने का है।
भाषा अमित अविनाश
अविनाश

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