तृणमूल कांग्रेस 24 मार्च को उत्तर और दक्षिण बंगाल से एक साथ शुरू करेगी चुनाव प्रचार अभियान
तृणमूल कांग्रेस 24 मार्च को उत्तर और दक्षिण बंगाल से एक साथ शुरू करेगी चुनाव प्रचार अभियान
कोलकाता, 21 मार्च (भाषा)पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उत्तरी बंगाल से और उनके भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी दक्षिण बंगाल के जिलों से तूफानी चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे।
पार्टी का इरादा दोनों अलग-अलग चुनावी क्षेत्रों में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रभावी मुकाबला करना है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी 24 मार्च को अलीपुरद्वार परेड ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के साथ उत्तर बंगाल में औपचारिक रूप से चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगी। उत्तर बंगाल लंबे समय से भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। मुख्यमंत्री उसी दिन दार्जिलिंग जिले के माटीगारा और जलपाईगुड़ी के मैनागुड़ी में भी सभाओं को संबोधित करेंगी।
यह कदम तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उत्तरी क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ वापस हासिल करने की कोशिश प्रतीत होती है, जहां भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में गहरी पैठ बनाई थी और 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में तृणमूल के बेहतर प्रदर्शन के बावजूद, उत्तरी बंगाल अब भी एक महत्वपूर्ण चुनावी क्षेत्र बना हुआ है, जहां भाजपा राजबंशी, आदिवासी और प्रवासी समुदायों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की उम्मीद कर रही है।
तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘ममता दीदी का खुद अलीपुरद्वार से नेतृत्व करना यह संदेश देता है कि पार्टी उत्तर बंगाल में भाजपा की चुनौती को गंभीरता से ले रही है।’’
मुख्यमंत्री के रविवार शाम को अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने के बाद उत्तर बंगाल के लिए रवाना होने की उम्मीद है, जहां वह आगामी चुनावों के लिए पार्टी की बूथ स्तरीय रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत कर सकती हैं।
ममता बनर्जी जहां उत्तर बंगाल में चुनाव प्रचार का नेतृत्व करेंगी। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और संगठन के प्रमुख अभियान रणनीतिकार के रूप में देखे जाने वाले अभिषेक बनर्जी उसी दिन दक्षिण 24 परगना के पाथरप्रतिमा से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।
पार्टी नेताओं के मुताबिक, अभिषेक वहां से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मेदिनीपुर क्षेत्र का रुख करेंगे और वह 25 मार्च को दासपुर, केशियरी और नारायणगढ़ में रैलियों को संबोधित करने के बाद नंदीग्राम में एक कार्यकर्ता बैठक आयोजित करेंगे।
अभिषेक का नंदीग्राम दौरा प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूप से अहम है। यह निर्वाचन क्षेत्र 2021 के विधानसभा चुनाव का केंद्र बिंदु बन गया था और ममता बनर्जी को भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने हराया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक का मेदिनीपुर क्षेत्र पर शुरुआती ध्यान देना, पार्टी द्वारा जंगलमहल और तटीय क्षेत्रों में भाजपा की संगठनात्मक शक्ति को कमजोर करने की नीति प्रतीत होती है।
एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, ‘‘अभिषेक की चुनाव प्रचार शैली अधिक संगठनात्मक और कार्यकर्ता-केंद्रित होती है। वह बूथ नेटवर्क को मजबूत करने और जमीनी स्तर की पार्टी मशीनरी को सक्रिय करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।’’
सूत्रों ने बताया कि डायमंड हार्बर से लोकसभा सदस्य अभिषेक महीने के अंत में उत्तरी बंगाल की भी यात्रा करेंगे, जहां वह 26, 28 और 31 मार्च को क्षेत्र के कम से कम नौ विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करने और रोड शो करने की योजना बना रहे हैं।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप

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