बंग भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के विरोध में तृणमूल सांसदों का लोकसभा में प्रदर्शन
बंग भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के विरोध में तृणमूल सांसदों का लोकसभा में प्रदर्शन
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी में पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक अतिथि गृह बंग भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के खिलाफ सोमवार को लोकसभा में प्रदर्शन किया।
बंग भवन में, राज्य में एसआईआर से कथित रूप से प्रभावित कुछ लोग ठहरे हुए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए और आसन के समीप पहुंच गए। समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य भी तृणमूल सांसदों के साथ एकजुटता दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
तृणमूल कांग्रेस और सपा के सदस्य उस समय आसन के समीप पहुंच गए, जब भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव से संबंधित चर्चा में भाग ले रहे थे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जब चर्चा में बोलने के लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम पुकारा तो हंगामा कर रहे सदस्य अपने-अपने आसन पर लौट गए।
इससे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस नेताओं की यहां बंग भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बहस हुई और उन्होंने अतिथि गृह में ठहरे हुए राज्य के एसआईआर प्रभावित परिवारों का उत्पीड़न होने का आरोप लगाया।
बनर्जी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात के लिए रविवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंची थीं।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित लगभग 50 परिवारों को राष्ट्रीय राजधानी लाया गया है और वे राज्य सरकार से संबंधित विभिन्न भवनों में ठहरे हुए हैं।
बनर्जी सोमवार को बंग भवन पहुंचीं और उन्होंने कहा कि वह एसआईआर में परेशानी झेलने वाले परिवारों को न्याय दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं, न कि किसी आंदोलन के लिए।
मुख्यमंत्री को सीधे सुरक्षाकर्मियों से सवाल करते और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील होने के लिए कहते देखा गया।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बंग भवन में बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है। हमारे मामले पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हो रही है, और निर्वाचन आयोग में हमारी मुलाकात है। हम यहां आधिकारिक तौर पर मुलाकात का समय लेकर आए हैं। लोगों की जान चली गई है, क्या उनके परिवार मीडिया से बात नहीं कर सकते?’’
भाषा वैभव सुभाष
सुभाष

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