नई दिल्ली। प्रस्तावित तीन तलाक बिल विपक्ष के हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा में पेश नहीं हो सका। सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि इस आम सहमति न बन पाने के कारण इसे आज सदन में नहीं लिया जा सकता। केंद्र की मोदी सरकार के पास अब दो ही विकल्प हैं, इस विधेयक को अब शीतकालीन सत्र में पेश किया जाए अथवा इस पर अध्यादेश लाए। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार दूसरा विकल्प चुनते हुए शीतकालीन सत्र से पहले ही इस पर अध्यादेश ला सकती है।
राज्यसभा में विपक्ष ने इस विधेयक में किए गए संशोधनों पर उससे सलाह न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने कहा कि हमारी पार्टी की स्थिति बिल को लेकर एकदम साफ है। मैं इस बारे में और कुछ अभी नहीं कहना चाहूंगी।
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बता दें कि विपक्ष की मांगों को स्वीकार करते हुए कैबिनेट ने गुरुवार को तीन तलाक विधेयक में संशोधनों को हरी झंडी दी है। इन संशोधनों के अनुसार तीन तलाक के आरोपी पतियों को न सिर्फ जमानत मिल सकेगी, बल्कि मजिस्ट्रेट के सामने समझौते का विकल्प भी खुला रहेगा। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संशोधनों के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से राज्यसभा में इस विधेयक को पास कराने में मदद की उम्मीद जताई थी।
गौरतलब है कि तीन तलाक विधेयक लोकसभा में पहले ही पास हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में संख्या बल के कारण विपक्ष इसका विरोध कर रहा था। विपक्ष और खासकर कांग्रेस इसमें संशोधनों की मांग कर रहे थे। एनडीए की कमजोर स्थिति के कारण विपक्षी सदस्यों को मनाने के लिए विधेयक में संशोधन की जरूरत थी, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
वेब डेस्क, IBC24