ट्रंप ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा के लिए मोदी को फोन किया; होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष ध्यान
ट्रंप ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा के लिए मोदी को फोन किया; होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष ध्यान
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा कि भारत पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द तनाव कम करने और शांति बहाल करने का समर्थन करता है।
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत है।
इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सुलभ बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया, और कहा कि यह वैश्विक शांति, स्थिरता एवं आर्थिक खुशहाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के वास्ते ईरान के लिए अमेरिका की ओर से समयसीमा पांच दिन बढ़ाए जाने के एक दिन बाद ट्रंप ने मोदी को फोन किया।
मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।’’
ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित संकरे समुद्री परिवहन मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से का परिवहन होता है।
पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।
इस संबंध में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण पोत परिवहन मार्ग को खुला रखने के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
गोर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत हुई। उन्होंने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है।’’
ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के वास्ते ईरान के लिए समयसीमा बढ़ा दी है और वह ईरानी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों को पांच दिन के लिए टाल रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोई विवरण साझा किए बिना यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के ‘‘पूर्ण और समग्र समाधान’’ के लिए अमेरिका तथा ईरान के बीच ‘‘सार्थक बातचीत’’ हुई है।
पिछले कुछ दिनों में, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह सदस्य देशों – बहरीन, ओमान, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेतृत्व के साथ फोन पर बातचीत की है। उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी बात की।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप

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