तुषार मेहता की किताबें न्याय व्यवस्था के बारे में दुर्लभ अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं : वेंकटरमणि

तुषार मेहता की किताबें न्याय व्यवस्था के बारे में दुर्लभ अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं : वेंकटरमणि

तुषार मेहता की किताबें न्याय व्यवस्था के बारे में दुर्लभ अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं : वेंकटरमणि
Modified Date: May 10, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: May 10, 2026 9:32 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने रविवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की हाल ही में प्रकाशित दो पुस्तकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे न्याय वितरण व्यवस्था के ‘छिपे हुए आयामों’ की एक दुर्लभ और अंतर्दृष्टिपूर्ण झलक पेश करती हैं।

वेंकटरमणि ने यहां भारत मंडपम में मेहता की दो किताबें ‘द बेंच, द बार एंड द बिजार’और ‘द लॉफुल एंड द ऑफुल’ का विमोचन करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इन रचनाओं को अदालती किस्सों के संग्रह से कहीं अधिक बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से आश्चर्यचकित हूं कि तुषार भाई ने न्याय करने के छिपे हुए आयामों को समझने के लिए अत्यंत प्रासंगिक पहलुओं को कितनी लगन और साहस के साथ पिरोया है।’’

अटॉर्नी जनरल ने कहा, ‘‘उन्होंने कानून और न्याय के किस्सों को सावधानीपूर्वक दर्ज किया है, साथ ही मानव स्वभाव के उदात्त और हास्यास्पद दोनों रूपों की झलक भी पेश की है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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