म्यांमा के दो फरार शिकारियों को दक्षिण अंडमान के जंगल से फिर पकड़ा गया

म्यांमा के दो फरार शिकारियों को दक्षिण अंडमान के जंगल से फिर पकड़ा गया

म्यांमा के दो फरार शिकारियों को दक्षिण अंडमान के जंगल से फिर पकड़ा गया
Modified Date: August 11, 2026 / 12:59 pm IST
Published Date: August 11, 2026 12:59 pm IST

श्री विजयपुरम, 11 अगस्त (भाषा) श्री विजयपुरम स्थित खुले निरुद्ध केंद्र (ओडीसी) से 26 जुलाई को फरार हुए म्यांमा के दो नागरिकों को दक्षिण अंडमान के घने जंगल से पकड़ लिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बड़े पैमाने पर चलाए गए तलाशी अभियान के बाद ए तुन को रंगाचांग इलाके से, जबकि उसके साथी वाई फ्यो को चिड़ियाटापू से गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी ने बताया, ‘‘चार अगस्त को हमारे एक अधिकारी ने रंगाचांग के आरक्षित जंगल क्षेत्र में एक व्यक्ति को संदिग्ध रूप से घूमते देखा। उन्होंने तुरंत अतिरिक्त बल बुलाया। अंडमान और निकोबार पुलिस तथा भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन) के संयुक्त अभियान में एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसका साथी वहां से भाग निकला, लेकिन अगले दिन उसे चिड़ियाटापू इलाके से पकड़ लिया गया।’’

चिकित्सकीय जांच के बाद दोनों गिरफ्तार विदेशी नागरिकों को श्री विजयपुरम के प्रोथ्रापुर स्थित ओडीसी भेज दिया गया। अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने उन्हें केंद्रीय अपराध थाने (सीसीएस) को सौंप दिया है और फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।’’

आरोपियों ए तुन और वाई फ्यो को क्रमश: 2022 और 2025 में समुद्री खीरे के अवैध शिकार के मामलों में गिरफ्तार किया गया था।

जांच में पता चला कि दोनों ने जुलाई के पहले सप्ताह में भागने की योजना बनाई थी और फरार होने के लिए अनुकूल समय का इंतजार कर रहे थे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘26 जुलाई को रात करीब साढ़े 12 बजे वे ओडीसी के बाथरूम से बाहर निकले और ब्रिचगंज जंगल क्षेत्र से लगी चारदीवारी को फांदकर भाग गए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भागने के दौरान उनके साथ म्यांमा का एक अन्य नागरिक भी था, लेकिन अधिक वजन होने के कारण वह दीवार नहीं फांद सका।’’

अधिकारी ने बताया कि ओडीसी एक अस्थायी निरुद्ध और संक्रमण केंद्र है, जहां विदेशी नागरिकों को अस्थायी आवास, आवश्यक सुविधाएं और देखभाल उपलब्ध कराई जाती है। इनमें वे मछुआरे भी शामिल हैं जो गलती से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं या पड़ोसी देशों के वे नागरिक शामिल हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया हो और राजनयिक माध्यम से उन्हें उनके देश वापस भेजने का इंतजार हो।

उन्होंने कहा कि फरार हुए दोनों नागरिक अपनी जेल की सजा पूरी कर चुके थे और जल्द ही उन्हें निर्वासित किया जाना था। उनके निर्वासन की औपचारिकताएं राजनयिक स्तर पर चल रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें समझ नहीं आ रहा कि वे क्यों भागे।’’

फिलहाल ओडीसी में करीब 186 विदेशी नागरिक हैं। इनमें से अधिकतर को समुद्री खीरे की तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया गया था और वे अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। ये सभी निर्वासन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

समुद्री खीरे अत्यधिक संकटग्रस्त जीव हैं और समुद्र की तलहटी में जमा सड़ने वाले पदार्थ तथा भोजन को खाकर उसे साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

धीमी गति से चलने वाले समुद्री खीरे आसानी से पकड़े जा सकते हैं और समुद्र में 30 से 60 फुट की गहराई पर आसानी से मिल जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनका इस्तेमाल औषधीय उद्देश्यों और कुछ विशिष्ट व्यंजनों में मुख्य सामग्री के रूप में किया जाता है।

पुलिस के अनुसार, म्यांमा के शिकारियों द्वारा इन समुद्री जीवों का अवैध शिकार द्वीपसमूह की समुद्री पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है और इससे प्रवाल भित्तियों को भी नुकसान पहुंचता है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


लेखक के बारे में