पक्षियों के अवैध व्यापार में शामिल दो लोग गिरफ्तार, 34 तोते बचाए गए

पक्षियों के अवैध व्यापार में शामिल दो लोग गिरफ्तार, 34 तोते बचाए गए

पक्षियों के अवैध व्यापार में शामिल दो लोग गिरफ्तार, 34 तोते बचाए गए
Modified Date: April 28, 2025 / 06:39 pm IST
Published Date: April 28, 2025 6:39 pm IST

देहरादून, 28 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड वन विभाग ने हरिद्वार जिले के रुड़की में मांस की दो दुकानों से 34 संरक्षित ‘रोज-रिंग्ड’ और ‘एलेक्जेंडराइन’ तोतों को बचाते हुए दो लोगों को पक्षियों की संरक्षित प्रजातियों का अवैध व्यापार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को देहरादून में बताया कि यह कार्रवाई पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा), इंडिया की ओर से हाल ही में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हरिद्वार के प्रभागीय वन अधिकारी वैभव सिंह के आदेश पर रुड़की के पुरानी तहसील क्षेत्र में कुछ दुकानों पर की गई छापेमारी के बाद की गई।

अधिकारियों के मुताबिक, शोएब और शारिक के कब्जे में संरक्षित तोते पाए गए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों ने संरक्षित तोतों को मांस की अपनी दुकानों में अवैध रूप से पिंजरों में कैद कर रखा था।

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अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और शनिवार को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

उन्होंने बताया कि ‘रोज रिंग्ड’ और ‘एलेक्जेंडराइन’ तोते वन्यजीव सरंक्षण अधिनियम, 1972 की सूची दो के तहत संरक्षित जीव हैं और उन्हें खरीदने, बेचने या कब्जे में रखना अपराध है, जिसके लिए एक लाख रुपये तक के जुर्माने या तीन साल तक की कैद या दोनों सजाएं भुगतनी पड़ सकती हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, यह अवैध गतिविधि तब सामने आई, जब पेटा इंडिया के एक कर्मचारी ने क्षेत्र से गुजरते समय दो दुकानों के अंदर पिंजरों में बंद तोतों को देखा और वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई।

पेटा इंडिया के क्रूरता प्रतिक्रिया समन्वयक वीरेंद्र सिंह ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर तोतों को बचाने और उन्हें पिंजरे में कैद करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए वन विभाग का आभार जताया।

भाषा

दीप्ति पारुल

पारुल


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