हिमाचल के दो मंत्री ‘तीखी बहस’ के बाद मंत्रिमंडल की बैठक बीच में ही छोड़कर गये: सूत्र

हिमाचल के दो मंत्री ‘तीखी बहस’ के बाद मंत्रिमंडल की बैठक बीच में ही छोड़कर गये: सूत्र

हिमाचल के दो मंत्री ‘तीखी बहस’ के बाद मंत्रिमंडल की बैठक बीच में ही छोड़कर गये: सूत्र
Modified Date: March 2, 2024 / 08:11 pm IST
Published Date: March 2, 2024 8:11 pm IST

शिमला, दो मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान शनिवार को जबरदस्त नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला और नीतिगत फैसलों को लेकर ‘‘तीखी बहस’’ के बाद मंत्री जगत नेगी और रोहित ठाकुर बीच में ही बैठक छोड़कर चले गए। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि हालांकि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा कथित तौर पर मनाये जाने के बाद शिक्षा मंत्री ठाकुर बैठक में वापस लौट आए।

कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में अपने छह विधायकों द्वारा राज्यसभा चुनाव में राज्य की एकमात्र सीट के लिए भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन को वोट देने के बाद राज्य में उत्पन्न हुए राजनीतिक संकट को दूर करने का प्रयास कर रही है।

राजस्व मंत्री नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में बैठक निर्धारित समय पूर्वाह्न 11 बजे के बजाय अपराह्न लगभग 12.30 बजे शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी और कार्यक्रम में जाना था और उन्हें देर हो रही थी, इसलिए वह बैठक बीच में ही छोड़कर चले गये थे।

ठाकुर ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसी से मिलने के लिए कुछ देर के लिए बैठक छोड़कर चले गए थे लेकिन बाद में वापस लौट आये थे।

सूत्रों ने हालांकि बताया कि मंत्रियों के जाने से पहले, कुछ नीतिगत निर्णयों पर ‘‘तीखी बहस’’ हुई थी।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने घटना का जिक्र करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राजनीति समझौतों का खेल है और पार्टी के हित में बेहतर समझ होनी चाहिए।

इससे पहले दिन में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के बागी विधायक राजेंद्र राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू की कार्यशैली से ‘‘घुटन महसूस कर रहे’’ पार्टी के नौ और विधायक उनके संपर्क में हैं।

राणा ने कांग्रेस के पांच अन्य विधायकों के साथ राज्यसभा चुनावों में ‘क्रॉस वोटिंग’ की थी।

इस बीच, मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दे दी और पशु चिकित्सा अधिकारियों का समर्थन करने के लिए पशुपालन विभाग में 1,000 श्रमिकों को शामिल करने की मंजूरी दे दी।

मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में जेओए (आईटी) के 30 पद और लोक निर्माण विभाग की वास्तु इकाई में वरिष्ठ ‘ड्राफ्ट्समैन’ के चार रिक्त पद भरने को मंजूरी दे दी।

इसमें 10 खाद्य सुरक्षा वाहन खरीदने और स्वास्थ्य विभाग में 10 खाद्य विश्लेषकों, 10 परिचारकों और 10 चालकों की सेवाएं लेने का भी निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने निवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए ग्राम पंचायत मशोबरा और बेओलिया के और क्षेत्रों को नगर निगम शिमला के दायरे में शामिल करने को मंजूरी दी।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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