छत्तीसगढ़ में जंगली हाथी के हमले में दो श्रमिकों की मौत
छत्तीसगढ़ में जंगली हाथी के हमले में दो श्रमिकों की मौत
कोरिया, आठ जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में जंगली हाथी के हमले में दो श्रमिकों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रविवार देर रात जंगली हाथी ने सड़क निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों पर हमला कर दिया। इस हमले में गौरव (22) और अमर सिंह (35) की मौत हो गई।
यह सड़क कोरिया जिले के रामगढ़ और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के कोटाडोल के बीच बनाई जा रही है। जिस जंगल वाले इलाके में हाथी ने हमला किया वह एमसीबी जिले के अंतर्गत है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व एमसीबी, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में फैला हुआ है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के देवसील गांव में सड़क निर्माण कार्य जारी है। काम करने के बाद श्रमिक जब रविवार रात भोजन कर आराम कर रहे थे, तब अचानक लगभग 11.30 बजे एक जंगली हाथी वहां पहुंचा और श्रमिकों पर हमला कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि हमले में गौरव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अमर सिंह ने सोनहत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद टाइगर रिजर्व के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और शव को अस्पताल पहुंचाया।
अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी होने के बाद, प्रत्येक मृतक के परिवार वालों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी। तथा 5.75 लाख रुपये जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिये जाएंगे।
उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक दशक से अधिक समय से हाथियां का हमला एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह समस्या मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी फैल गई है।
राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मानव—हाथी संघर्ष की घटनाएं अधिक होती है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले में 325 से अधिक लोगों की जान गई है।
भाषा सं संजीव मनीषा
मनीषा

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