कोलकाता, 21 फरवरी (भाषा) कोलकाता स्थित यादवपुर विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि परिसर में छात्रों के दो समूहों के बीच हुई झड़प में हस्तक्षेप करने की कोशिश में विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसर घायल हो गए।
पुलिस ने घटना की पुष्टि की लेकिन कहा कि दोनों पक्षों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
विश्वविद्यालय के अधिकारी ने बताया कि आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) चुनावों को लेकर शुक्रवार शाम को हुई झड़प में दो शिक्षकों को छात्रों के एक समूह ने धक्का दिया, घूंसे मारे और उन पर हमला किया, जिससे एक शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया।
विवाद तब शुरू हुआ जब माकपा की छात्र शाखा एसएफआई से जुड़े प्रथम वर्ष के छात्र चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान प्रतिद्वंद्वी समूह ‘वी द इंडिपेंडेंट’ के सदस्यों से उनकी झड़प हुई।
दोनों पक्षों के समर्थक जल्द ही मौके पर जमा हो गए, और बहस हाथापाई में तब्दील हो गई।
अधिकारी ने बताया कि पास में मौजूद दो प्रोफेसरों राजेश्वर सिन्हा और ललित ललितव महाकुध ने स्थिति को शांत करने के लिए हस्तक्षेप करने की कोशिश की। पर हाथापाई के दौरान दोनों पर हमला किया गया। एसएफआई के छात्रों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल ले गए।
सिन्हा को आंख में घूंसा लगने से चोटें आईं और उनके चश्मे टूट गए, जिससे उनकी नाक पर कट लग गया।
महाकुध को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि सिन्हा को निगरानी में रखा गया है।
इस घटना की निंदा करते हुए यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा, ‘यह एक अभूतपूर्व घटना है और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति को रोकना होगा।’
इस घटना के संबंध में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
यादवपुर पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘8बी बस स्टैंड के पास कैंपस गेट के बाहर तैनात हमारे पुलिसकर्मियों ने कुछ हलचल सुनी। सुरक्षा गार्डों ने हमें अनौपचारिक रूप से झड़प के बारे में बताया। लेकिन चूंकि विश्वविद्यालय अधिकारियों की अनुमति के बिना पुलिस कैंपस में प्रवेश नहीं कर सकती, इसलिए हमने हस्तक्षेप नहीं किया। किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।’
भाषा तान्या शोभना
शोभना