(भरत शर्मा)
नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) नीदरलैंड क्रिकेट बोर्ड के सदस्य राशिद शाह का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का मौजूदा वाणिज्यिक मॉडल एसोसिएट देशों के प्रतिकूल है क्योंकि इसमें अधिकांश हिस्सा टेस्ट खेलने वाले देशों को दिया जाता है।
वर्ष 2024 से 2027 तक के चक्र में आईसीसी के राजस्व का लगभग 40 प्रतिशत यानी अनुमानित 231 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष भारत को मिलेगा। आईसीसी अपने राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा भारत से हासिल करता है जिसमें मीडिया अधिकार प्रमुख हैं।
शाह ने हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की उपलब्धियों और वैश्विक स्तर पर उसके योगदान की प्रशंसा की।
वर्ष 2024 से 2027 तक के चक्र में अनुमानित 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वार्षिक आय में से लगभग 533 मिलियन अमेरिकी डॉलर 12 पूर्ण सदस्यों को जबकि लगभग 67 मिलियन अमेरिकी डॉलर एसोसिएट देशों को मिलेंगे।
नीदरलैंड जाने से पहले जम्मू कश्मीर में क्रिकेट खेल चुके शाह ने पीटीआई से कहा कि आईसीसी का राजस्व मॉडल एसोसिएट देशों में इस खेल के विकास में खास मदद नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम आईसीसी के एसोसिएट सदस्य देश हैं। हमें अक्सर बड़े देशों के साथ खेलने का मौका नहीं मिलता। आईसीसी का व्यावसायिक मॉडल हमारे लिए प्रतिकूल है। हमें वहां से धनराशि का एक छोटा सा हिस्सा ही मिलता है।’’
शाह ने कहा, ‘‘हमें वित्तीय संसाधन जुटाने और क्रिकेट के विकास को गति देने के लिए अपने खुद के मॉडल तैयार करने होंगे। भारत में विश्व कप खेलना हमारे लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है। अहमदाबाद में 70000 दर्शकों के सामने खेलना हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी।’’
भाषा
पंत नमिता
नमिता