लद्दाख में दो स्थलों को ‘फूलों की घाटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा: सक्सेना
लद्दाख में दो स्थलों को 'फूलों की घाटी' के रूप में विकसित किया जाएगा: सक्सेना
लेह, एक मई (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र के प्राकृतिक आकर्षण को बढ़ाने के लिए दो स्थानों को ‘फूलों की घाटी’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम जारी है।
उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि लेह में चोगलमसर और वारी ला को ‘फूलों की घाटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
सक्सेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य फूलों की ऐसी विस्तृत किस्में लगाना है जो अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन के कम स्तर के साथ-साथ लद्दाख की कठोर जलवायु परिस्थितियों को सहन कर सकें।
उन्होंने बताया कि अधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए उपयुक्त प्रजातियों की पहचान करने के लिए विशेषज्ञों से परामर्श किया गया है।
सक्सेना ने मीडिया को बताया कि प्रशासन इस परियोजना में तेजी लाने पर काम कर रहा है और चयनित स्थलों पर पौधारोपण की गतिविधियां पहले से ही जारी हैं।
उन्होंने कहा, ‘जून के अंत तक या उसके आसपास, इन दोनों स्थानों के खूबसूरत पुष्प क्षेत्रों में बदलने की उम्मीद है, जो लेह और लद्दाख के अन्य हिस्सों में आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन जाएंगे।’
इस कदम से स्थानीय रोजगार पैदा होने और पारिस्थितिकी-पर्यटन को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘लद्दाख में फिलहाल हरित आवरण 0.4 प्रतिशत है और हमारा लक्ष्य इसे पांच प्रतिशत तक पहुंचाना है।’
भाषा
प्रचेता नरेश
नरेश

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