(तस्वीरों के साथ)
तामुलपुर/उदलगुड़ी/नलबाड़ी, एक अप्रैल (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि ‘अरुणोदय’ योजना के तहत ‘एक परिवार-एक लाभार्थी’ नियम में ढील दी जाएगी और जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उनकी दो महिलाओं को इसका लाभ दिया जाएगा।
हिमंत ने तामुलपुर के गोरेस्वर, उदलगुड़ी के तंगला, नलबाड़ी के तिहू और कामरूप के हाजो-सुअलकुची में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव के बाद इस योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा, ताकि इसमें और भी पात्र लाभार्थियों को शामिल किया जा सके।
‘अरुणोदय’ योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के दायरे में अभी लगभग 40 लाख महिलाएं आती हैं।
हिमंत ने कहा, “चूंकि, ‘अरुणोदय’ योजना राशन कार्ड से जुड़ी हुई है, इसलिए जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उन्हें दो राशन कार्ड आवंटित किए जाएंगे, ताकि एक ही घर की दो महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब ऐसे परिवारों में किसी बेटे की शादी होती है, तो उसकी नवविवाहित पत्नी भी इस योजना के दायरे में आने के लिए पात्र होगी। उन्होंने कहा, “यह नवविवाहितों के लिए हमारी तरफ से शादी का तोहफा होगा।”
हिमंत ने कहा कि ‘अरुणोदय’ योजना से छूटी हुई सभी पात्र महिलाओं को चुनाव के बाद इसमें शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिये परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘अरुणोदय’ के तहत वित्तीय सहायता के अलावा पात्र परिवारों को मुफ्त अनाज मिल रहा है और उन्हें दाल, नमक, चीनी व सरसों के तेल जैसी जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
हिमंत ने दावा किया कि भाजपा अपने सभी वादों को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि पहले अधूरे वादों के कारण राजनीति में जनता का भरोसा कम हो गया था, लेकिन उनकी पार्टी ने अपनी प्रतिबद्धताओं को निभाकर इस धारणा को बदल दिया।
हिमंत ने कांग्रेस पर “घुसपैठिया समर्थक” एजेंडा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्षी पार्टी के ‘नतुन बोर असोम’ नारे का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसका मकसद अवैध प्रवासियों को बसाना है।
हिमंत ने कहा, “अगर बांग्लादेशी प्रवासी असम आते हैं, तो असम के मुसलमानों, हिंदुओं और हमारे अधिकारों का क्या होगा? असम असमिया लोगों और भारतीयों के लिए है।”
उन्होंने मतदाताओं से नौ अप्रैल को होने वाले मतदान में भाजपा नीत गठबंधन के पक्ष में वोट डालने की अपील की।
भाषा पारुल नरेश
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