(ITR For Senior Citizens/ Image Credit: Pexels)
नई दिल्ली: ITR For Senior Citizens: आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सही ITR फॉर्म चुनना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह उनकी उम्र पर नहीं बल्कि आय के स्त्रोत और उसकी प्रकृति पर निर्भर करता है। गलत फॉर्म भरने पर रिटर्न ‘डिफेक्टिव’ माना जा सकता है। जिससे नोटिस, देरी और अन्य कानूनी परेशानियां हो सकती है।
ITR-1 उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयुक्त है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इसमें वेतन, पेंशन, एक या दो मकान से आय और ब्याज जैसी आम आय शामिल होती है। इसके अलावा सीमित कृषि आय और कुछ सीमा तक शेयर या म्यूचुअल फंड से होने वाला लाभ भी इसमें शामिल किया जा सकता है। यह फॉर्म सरल करदाताओं के लिए सबसे आसान माना जाता है।
यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की आय में पूंजीगत लाभ (Capital Gains), विदेशी आय या संपत्ति, दो से अधिक मकान या गैर-सूचीबद्ध शेयरों में निवेश शामिल है तो उसे ITR-2 भरना होगा। वहीं अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद भी कंसल्टेंसी, फ्रीलांसिंग या प्रोफेशनल सेवाओं से आय कमा रहा है तो उसके लिए ITR-3 फॉर्म सही रहता है। यह फॉर्म व्यवसाय या प्रोफेशनल आय वाले लोगों के लिए होता है।
ITR-4 उन करदाताओं के लिए है जो अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) का विकल्प चुनते हैं। यह फॉर्म उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और जो छोटे व्यवसाय या स्वरोजगार से जुड़े हैं। यह फॉर्म टैक्स फाइलिंग को सरल बनाता है और कम दस्तावेजों की जरूरत होती है।
कई वरिष्ठ नागरिक यह मान लेते हैं कि पेंशन होने के कारण उनके लिए हमेशा ITR-1 ही सही है। लेकिन यदि उन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या संपत्ति बेचने से लाभ हुआ है तो यह फॉर्म गलत हो सकता है। इसी तरह कुछ लोग फ्रीलांस या कंसल्टेंसी आय होने के बावजूद गलत ITR फॉर्म भर देते हैं। जिससे बाद में परेशानी बढ़ सकती है।
रिटर्न दाखिल करने से पहले Form 26AS, Annual Information Statement (AIS) और Taxpayer Information Summary (TIS) को ध्यान से जांचना जरूरी है। इसमें पेंशन, बैंक ब्याज, डिविडेंड और पूंजीगत लाभ जैसी सभी आय सही तरह दर्ज होनी चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बैंक स्टेटमेंट और TDS रिकॉर्ड से मिलान करके ही ITR फाइल करें। ताकि किसी भी तरह की गलती से बचा जा सके।