दो महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर पीटने का आरोप लगाया; दिल्ली पुलिस का इनकार

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दो महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर पीटने का आरोप लगाया; दिल्ली पुलिस का इनकार

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 07:15 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 07:15 PM IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में दो स्वतंत्र महिला पत्रकारों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें दक्षिण दिल्ली के साकेत थाने गई और वहां उनकी पिटाई की। हालांकि पुलिस ने आरोपों का खंडन करते हुए इन्हें “तथ्यात्मक रूप से गलत” और ‘गुमराह’ करने वाला बताया है।

पत्रकारों ने आरोप लगाया कि साकेत थाने ले जाने से पहले पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में लिया।

पुलिस ने कहा, ‘प्रसारित बयान तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है। दो महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल के पास अपना स्कूटर खड़ा करके निर्दिष्ट वीवीआईपी मार्ग को बाधित कर दिया था।’

वाहन हटाने और मार्ग छोड़ने के बार-बार अनुरोध और निर्देश के बावजूद, उन्होंने इसका पालन नहीं किया। अधिकारियों ने बताया कि वीवीआईपी मार्ग की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के मद्देनजर दोनों महिलाओं को आगे की पूछताछ के लिए स्थानीय थाने ले जाया गया।

दक्षिण दिल्ली पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अनंत मित्तल के आधिकारिक ‘एक्स’ पेज पर पोस्ट किए गए बयान में कहा गया है, ‘ माननीय मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर मारपीट किए जाने समेत लगाए जा रहे सभी दावे पूरी तरह झूठे, भ्रामक और निराधार हैं। लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील है कि वे अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं को साझा या प्रसारित करने से बचें।

सोशल मीडिया पर पत्रकारों के कई वीडियो वायरल हुए जिसमें दोनों को अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान दिखाते हुए देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर एक और वीडियो सामने आया जिसमें एक पत्रकार ने दावा किया कि वो एक कार्यक्रम को कवर करने के लिए दक्षिण दिल्ली गई थी और उनका इरादा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल करने का था।

पत्रकार ने वीडियो में आरोप लगाया, ‘हम दिल्ली की मुख्यमंत्री से सवाल करना चाहते थे। लेकिन हमें हिरासत में ले लिया गया, साकेत थाने ले जाया गया। पुलिस टीम हमें एक कमरे में ले गईं, जहां उन्होंने हमारी बेरहमी से पिटाई की। उन्होंने पूछा कि हम किस समुदाय से हैं। उन्होंने हमें फिर से पीटा।’

उन्होंने दावा किया कि उनके पैर और हाथ में चोट लगी है, जबकि उनकी साथी पत्रकार के पैर में चोट लगी है। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने इस घटना को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर निशाना साधा।

‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर दिल्ली पुलिस ने दो महिला पत्रकारों को बहुत बेरहमी से पीटा है। महिला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को शर्म आनी चाहिए।’

इससे पूर्व पत्रकारों ने बताया था कि वे चिकित्सकीय परीक्षण के लिए एम्स जा रही हैं, जिसके बाद उनकी मेडिकल-लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसमें उन्हें आई चोटों का विवरण दर्ज किया जाएगा।

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश