सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बंगाल में लागू होगा यूसीसी: शुभेंदु अधिकारी

सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बंगाल में लागू होगा यूसीसी: शुभेंदु अधिकारी

सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बंगाल में लागू होगा यूसीसी: शुभेंदु अधिकारी
Modified Date: June 26, 2026 / 01:06 pm IST
Published Date: June 26, 2026 1:06 pm IST

कोलकाता, 26 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार गुजरात और असम की भांति ही राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए लागू करेगी।

उत्तर कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट में साहित्यिक विभूति बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम से इतर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यूसीसी लागू करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यूसीसी लागू करने की एक तय प्रक्रिया होती है और हम उसका पालन करेंगे। यह गुजरात और असम की तरह ही होगा।’’

उन्होंने उन राज्यों का उल्लेख किया जहां विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे विषयों को नियंत्रित करने वाली समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में विधायी और प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी नीत भाजपा सरकार सोमवार को विधानसभा में चालू बजट सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक पेश कर सकती है। यह पार्टी द्वारा घोषित छह महीने की समयसीमा से काफी पहले होगा।

सूत्र ने बताया कि इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार शाम विधानसभा में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा हुई और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया।

यह कदम बंगाल में हाल के समय के सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक और कानूनी बदलावों में से एक माना जा रहा है। भाजपा ने यूसीसी को अपने शासन का एक प्रमुख वादा और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुधार बताया है।

विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने के छह महीने के भीतर यूसीसी लागू किया जाएगा। इस वादे को अप्रैल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी का चुनावी ‘संकल्प पत्र’ जारी करते समय प्रमुखता से रेखांकित किया था।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय स्थापित करेगी।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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