यूडीएफ नेताओं ने मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ रेलवे मंडल से हटाए जाने के विरोध में भूख हड़ताल की

Ads

यूडीएफ नेताओं ने मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ रेलवे मंडल से हटाए जाने के विरोध में भूख हड़ताल की

  •  
  • Publish Date - August 26, 2026 / 08:20 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 08:20 PM IST

पलक्कड़, 26 अगस्त (भाषा) संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के नेताओं ने उल्लाल सहित मंगलुरु क्षेत्र को एक अक्टूबर से दक्षिण रेलवे के पलक्कड़ मंडल से दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसूरु मंडल में स्थानांतरित करने के रेलवे बोर्ड के फैसले के विरोध में यहां बुधवार को दिनभर भूख हड़ताल की।

सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शन सुबह करीब नौ बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे समाप्त हुआ।

भूख हड़ताल में यूडीएफ सांसद के. सुधाकरन, वी.के. श्रीकंडन, एम.के. राघवन, ई.टी. मोहम्मद बशीर, बेनी बेहनान, डीन कुरियाकोस, शफी परंबिल और राजमोहन उन्नीथन समेत अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।

राज्य सरकार में मंत्री सनी जोसेफ और के.ए. तुलसी, पलक्कड़ के विधायक रमेश पिशारोडी तथा यूडीएफ के स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि भी यहां पलक्कड़ मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के सामने प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने रेलवे बोर्ड से मंगलुरु क्षेत्र को पलक्कड़ रेलवे मंडल में स्थानांतरित करने के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस की केरलम इकाई के अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री सनी जोसेफ ने सत्याग्रह शुरू करने के बाद आरोप लगाया कि केंद्र ने संसद सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद यह फैसला लिया।

उन्होंने इसे केरलम की जनता के साथ “गंभीर विश्वासघात” करार दिया।

जोसेफ ने कहा, “इस फैसले का कोई औचित्य नहीं है। मंगलुरु को पलक्कड़ मंडल से हटाना अनावश्यक था। राज्य सरकार या यहां के जनप्रतिनिधियों को सूचित किए बिना रेल मंत्रालय ने चोरों की तरह यह फैसला लिया।”

केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से रेलवे बोर्ड के इस फैसले पर रोक लगाने और राज्य सरकार तथा अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किए जाने के दो दिन बाद भूख हड़ताल की गयी।

सतीशन ने मोदी को लिखे पत्र में कहा था कि इस फैसले से केरलम में “गंभीर चिंता” उत्पन्न हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से पहले कोई परामर्श किए बिना लिया गया यह फैसला रेलवे के बुनियादी ढांचे और विकास, खासकर उत्तर केरलम पर, दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि मंगलुरु दशकों से पलक्कड मंडल का अभिन्न हिस्सा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थानांतरण से न केवल मंगलुरु सेंट्रल और मंगलुरु जंक्शन, बल्कि मंगलुरु बंदरगाह क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे पलक्कड़ मंडल से बाहर हो जाएंगे।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश