यूक्रेन ने छह यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया

यूक्रेन ने छह यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया

यूक्रेन ने छह यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया
Modified Date: March 18, 2026 / 12:22 am IST
Published Date: March 18, 2026 12:22 am IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) यूक्रेन ने मिजोरम में बिना अनुमति प्रवेश और गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में छह यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत पर भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया है और उनकी तत्काल रिहाई तथा राजनयिक पहुंच की मांग की है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्ज़ेंडर पोलिशचुक ने विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात कर एक औपचारिक विरोध-पत्र सौंपा जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तुरंत रिहाई और राजनयिक पहुंच का आग्रह किया गया।

खबरों में कहा गया कि छह यूक्रेनी नागरिकों के अलावा एक अमेरिकी नागरिक को भी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गैरकानूनी गतिविधियों के आरोप में हिरासत में लिया है।

अमेरिकी नागरिक के मामले में पूछे जाने पर अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, “हम स्थिति से अवगत हैं। गोपनीयता कारणों से हम अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते।”

यह स्पष्ट नहीं है कि ये विदेशी नागरिक मिजोरम में किस उद्देश्य से गए थे। इस मामले पर भारतीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मामला मिजोरम में यूक्रेनी नागरिकों की अनधिकृत उपस्थिति से जुड़ा है और विदेशी नागरिकों को उस राज्य में यात्रा के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होती है।

बयान में यह भी कहा गया कि मामला “भारत और म्यांमा के बीच राज्य सीमा के कथित अवैध पारगमन” से भी संबंधित है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, “यूक्रेनी नागरिकों की हिरासत के बारे में अंतरराष्ट्रीय परंपरा के अनुसार भारत में स्थित यूक्रेन दूतावास को भारतीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।”

मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन ने हिरासत में लिए गए लोगों से तुरंत और निर्बाध राजनयिक पहुंच की अनुमति देने की मांग की है।

इसने कहा कि अभी तक ऐसे ठोस तथ्य स्थापित नहीं हुए हैं जो यह साबित करें कि संबंधित यूक्रेनी नागरिक भारत या म्यांमा में किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुछ भारतीय और रूसी मीडिया में उपलब्ध तथ्यों की “खंडित एवं भ्रामक व्याख्या” की गई है और निराधार आरोप लगाए गए हैं।

यूक्रेन ने कहा कि छह नागरिकों को अदालती कार्यवाही के दौरान कानूनी सहायता और बचाव पक्ष का वकील उपलब्ध कराया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, 16 मार्च को अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें यूक्रेनी दूतावास के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से सीधे बातचीत की अनुमति नहीं दी गई।

सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी हिरासत 27 मार्च तक बढ़ाने का आदेश दिया। यह नहीं बताया गया कि सुनवाई किस स्थान पर हुई।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत में कुछ क्षेत्र विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित हैं, जहां प्रवेश केवल विशेष परमिट से संभव है, लेकिन कई बार ऐसे क्षेत्रों का उचित चिह्नांकन नहीं होता, जिससे नियमों का अनजाने में उल्लंघन होने का जोखिम रहता है।

भाषा खारी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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