JNU Modi Shah Slogan: “मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी”.. इस यूनिवर्सिटी कैम्पस में लगे विवादित नारे.. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल..

JNU Modi Shah Slogan Viral Video: पांच जनवरी, 2020 को जेएनयू परिसर में उस समय हिंसा भड़क गई थी, जब नकाबपोश लोगों की भीड़ ने तीन छात्रावासों में घुसकर छात्रों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की छड़ों से हमला किया था। करीब दो घंटे तक चली इस हिंसा में जेएनयू छात्र संघ की तत्कालीन अध्यक्ष आइशी घोष समेत कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे।

JNU Modi Shah Slogan: “मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी”.. इस यूनिवर्सिटी कैम्पस में लगे विवादित नारे.. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल..

JNU Modi Shah Slogan Viral Video || Image- ANI News file

Modified Date: January 6, 2026 / 11:52 am IST
Published Date: January 6, 2026 11:25 am IST
HIGHLIGHTS
  • जेएनयू में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
  • मोदी-शाह विरोधी नारे लगाने का दावा
  • पुलिस को अब तक शिकायत नहीं

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के एक समूह ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार रात हुए इस प्रदर्शन के कथित वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे (JNU Modi Shah Slogan Viral Video) लगाए जाने का दावा किया गया है।

अब तक नहीं मिली पुलिस को शिकायत (JNU Controversial slogans News)

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि छात्र हर साल पांच जनवरी, 2020 को परिसर में हुई हिंसा की निंदा में विरोध प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि प्रदर्शन के दौरान लगाए गए सभी नारे वैचारिक (JNU Modi Shah Slogan Viral Video) थे और किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाकर नहीं लगाए गए। वहीं, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नारों को लेकर अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

2020 में भड़की थी हिंसा (JNU Violence 2020)

गौरतलब है कि पांच जनवरी, 2020 को जेएनयू परिसर में उस समय हिंसा भड़क गई थी, जब नकाबपोश लोगों की भीड़ ने तीन छात्रावासों में घुसकर छात्रों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की छड़ों से हमला किया था। करीब दो घंटे तक चली इस हिंसा में जेएनयू छात्र संघ की तत्कालीन अध्यक्ष आइशी घोष समेत कम से कम 28 लोग घायल हो गए थे। इस दौरान कार्रवाई न करने और बाद में दर्ज दो प्राथमिकियों में छात्र संघ नेताओं के नाम शामिल किए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना भी हुई थी।

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