उन्नीकृष्णन पोट्टी के आवास पर गया था लेकिन कोई उपहार नहीं लिया: पूर्व मंत्री कड़कम्पल्ली
उन्नीकृष्णन पोट्टी के आवास पर गया था लेकिन कोई उपहार नहीं लिया: पूर्व मंत्री कड़कम्पल्ली
तिरुवनंतपुरम, 21 जनवरी (भाषा)केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व देवस्वोम मंत्री कड़कम्पल्ली सुरेंद्रन ने बुधवार को कहा कि वह एक बार शबरिमला स्वर्ण चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के आवास पर गए थे, लेकिन उन्होंने उससे किसी भी प्रकार का उपहार स्वीकार करने से इनकार किया।
कड़कम्पल्ली ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा इस सबंध में किये गए दावे विरोधाभासी और ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ थे।
कड़कम्पल्ली ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात बेंगलुरु के व्यवसायी पोट्टी से 2016 में शबरिमला के सन्निधानम में हुई थी।
काझाक्कूट्टम विधानसभा सीट से विधायक माकपा नेता ने कहा, ‘‘जब भी मैं शबरिमला गया, तब उन्हें वहां देखा।’’
उन्होंने बताया कि जब वह भगवान अय्यप्पा के मंदिर जा रहे थे तभी पोट्टी से मुलाकात हुई और उसने एक कार्यक्रम के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया।
कड़कम्पल्ली ने कहा, ‘‘इसलिए, मैं अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ वहां गया था।’’ माकपा नेता के मुताबिक उन्होंने इस दौरे की जानकारी शबरिमला स्वर्ण गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को दे दी है।
एसआईटी ने पिछले महीने कड़कम्पल्ली से पूछताछ की थी।
एसआईटी शबरिमला मंदिर के कपाट पर स्थिति द्वारपालकों (संरक्षक देवता) के विग्रह और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखट पर मढ़े गए सोने में कथित गबन की जांच कर रही है जिसकी निगरानी केरल उच्च न्यायालय द्वारा की जा रही है।
कड़कम्पल्ली ने कहा कि सोने के गबन की जानकारी सामने आने तक कई अन्य लोगों की तरह, उन्हें भी पोट्टी पर संदेह नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘वह भगवान अयप्पा के परम भक्त प्रतीत होते थे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह उन कृत्यों को अंजाम देंगे, जिनका उन पर आरोप लगाया गया है।’’
पूर्व मंत्री ने कहा कि पॉटी की प्रमुख हस्तियों तक पहुंच से पता चलता है कि किसी को भी उन पर गलत काम करने का संदेह नहीं था।
यूडीएफ ने स्वर्ण गबन में कड़कम्पल्ली के संलिप्त होने का आरोप लगाया है क्योंकि वह देवस्वोम मंत्री थे। इसपर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन में मंत्री की कोई भूमिका नहीं होती है।
कड़कम्पल्ली ने कहा, ‘‘तंत्री (प्रधान पुजारी) की मामले में स्थिति अलग है, क्योंकि वह हमेशा मंदिर में मौजूद रहते हैं, जबकि मंत्री या सरकार की इसके कामकाज में कोई भूमिका नहीं होती है।’’
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वर्ण गबन मामले में शबरिमला के तंत्री कंदारारु राजीवरु की किसी भी प्रकार की संलिप्तता का आरोप नहीं लगा रहे हैं।
भाषा धीरज नरेश
नरेश


Facebook


