उप्र: मंदिर के पास पशुओं के अवशेष मिलने पर प्रदर्शन, दो अभियुक्त गिरफ्तार; चार पुलिसकर्मी निलंबित

उप्र: मंदिर के पास पशुओं के अवशेष मिलने पर प्रदर्शन, दो अभियुक्त गिरफ्तार; चार पुलिसकर्मी निलंबित

उप्र: मंदिर के पास पशुओं के अवशेष मिलने पर प्रदर्शन, दो अभियुक्त गिरफ्तार; चार पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: January 13, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: January 13, 2026 5:05 pm IST

कानपुर (उप्र), 13 जनवरी (भाषा) कानपुर जिले के बिल्हौर इलाके में एक मंदिर के पास प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बिल्हौर के थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई सोमवार को जानवरों के अवशेष मिलने के विरोध में स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किये जाने के बाद की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने यहां बताया कि यह मामला सोमवार शाम को सामने आया, जब ग्रामीणों ने बिल्हौर के गढ़नापुर इलाके में एक मंदिर के पास पशुओं के अवशेष, मांस, हड्डियां और खाल देखीं तथा पुलिस को इसकी सूचना दी। अवशेषों का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।

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उन्होंने बताया कि इसके तुरंत बाद, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अवशेष जानबूझकर धार्मिक स्थल के पास रखे गए थे।

अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने शाकिर और एक अन्य स्थानीय निवासी रहमान पर गोहत्या में शामिल होने का आरोप लगाया और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने स्थानीय पुलिसकर्मियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि मौके पर निरीक्षण और शुरुआती जांच के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने बिल्हौर के थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज, चौकी प्रभारी प्रेमवीर सिंह, बीट अधिकारी आफताब आलम और हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया।

कुमार के मुताबिक, इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है तथा चार अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई की गई है। शुरुआती जांच में पता चला कि घटनास्थल बिल्हौर थाने के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आता है और निरंतर गश्त के दावों के बावजूद ऐसी घटना होना पुलिस की गंभीर लापरवाही को दिखाता है।”

पुलिस ने बताया कि हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के हंगामे के दौरान पांच कारों में तोड़फोड़ की गई। हालांकि स्थिति को तुरंत नियंत्रण में कर लिया गया।

स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि जानवरों के अवशेष जानबूझकर गौरी-कटरा मार्ग पर स्थित दुर्गा मंदिर के पास फेंके गए थे।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया था।

इस घटना को लेकर मंगलवार को भी प्रदर्शन किये गये। आज करीब 100 वकीलों ने मार्च निकाला और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी संजीव दीक्षित को सौंपा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राहुल सोनकर ने अपर पुलिस उपायुक्त कपिल देव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि बरामद अवशेषों की मात्रा लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधि का संकेत देती है। उन्होंने पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए 48 घंटे की मोहलत दी है।

विधायक के बिल्हौर थाने के दौरे के दौरान उनके समर्थकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए और दोषियों को मौत की सजा देने तथा उनके खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई की मांग की। थाना परिसर के अंदर ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा,“मौजूदा तनाव को देखते हुए इलाके में प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उसकी पहचान की परवाह किए बिना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला कि जानवरों के अवशेषों को कब्रिस्तान की चारदीवारी से सटे एक खेत में टिन के बाड़े के अंदर छुपाया गया था।

उन्होंने बताया कि पता चला है कि यह खेत स्थानीय निवासी शाकिर का है और जानवरों के अवशेष पास के एक शेड में भी मिले, जो कथित तौर पर शाकिर का ही है।

अवशेषों का पोस्टमार्टम करने के लिए पशु चिकित्सकों को बुलाया गया, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर शेड को सील कर दिया गया।

भाषा सं. सलीम नोमान

नोमान


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