शिमला नगर निगम भवन में हंगामा, महापौर ने भाजपा के नौ पार्षदों को निलंबित किया

शिमला नगर निगम भवन में हंगामा, महापौर ने भाजपा के नौ पार्षदों को निलंबित किया

शिमला नगर निगम भवन में हंगामा, महापौर ने भाजपा के नौ पार्षदों को निलंबित किया
Modified Date: February 28, 2026 / 12:42 am IST
Published Date: February 28, 2026 12:42 am IST

शिमला, 27 फरवरी (भाषा) शिमला नगर निगम की मासिक आम बैठक के दौरान शुक्रवार को उस समय हंगामा हुआ जब महापौर सुरेंद्र चौहान ने कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नौ पार्षदों को निलंबित कर दिया।

भाजपा पार्षदों ने महापौर के कार्यकाल के विस्तार के मुद्दे पर बैठक में व्यवधान डाला। सदन से बाहर जाने का निर्देश दिए जाने के बाद उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और दावा किया कि चूंकि महापौर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसलिए उन्हें निर्वाचित पार्षदों को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। नारेबाजी कई मिनट तक जारी रही।

भाजपा सदस्यों ने कहा कि जब तक नयी महापौर के रूप में किसी महिला का चुनाव नहीं हो जाता, वे निगम की कार्यवाही चलने नहीं देंगे। टकराव उस समय शुरू हुआ जब विपक्षी पार्षदों ने चौहान को सदन की अध्यक्षता करने से रोकते हुए कहा कि उन्हें बैठक संचालित करने का अधिकार नहीं है।

इस पर कांग्रेस पार्षदों ने भी जवाबी नारेबाजी की और भाजपा पर जानबूझकर बैठक बाधित करने तथा जनविरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

बाद में भाजपा पार्षदों ने मीडिया से कहा कि महापौर का कार्यकाल बढ़ाने वाला अध्यादेश छह जनवरी 2026 को समाप्त हो गया है और राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई नयी अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

उन्होंने कहा, “हमारा महापौर से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है लेकिन आरक्षण रोस्टर के अनुसार अब एक महिला को महापौर चुना जाना चाहिए।”

पार्षदों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस का “महिला-विरोधी रुख” उजागर हो गया है।

भाषा

राखी सिम्मी

सिम्मी


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