Vande Bharat IBC24 News: कोर्ट में धराशायी हुआ ‘शराब घोटाले’ का पहाड़.. CBI को भी पड़ी कड़ी फटकार.. क्या वाकई रची गई थी केजरीवाल के खिलाफ कोई ‘साजिश?’ जानें..
Vande Bharat IBC24 News: कोर्ट ने कथित शराब घोटाले में केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी किया, CBI को कड़ी फटकार।
Vande Bharat IBC24 News || Image- IBC24 News File
- कोर्ट ने सभी आरोपी बरी किए
- CBI की जांच पर सख्त टिप्पणी
- केजरीवाल ने कहा सत्य की जीत
नई दिल्ली: वंदे-भारत में आज सबसे पहले बात केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खास दिन की। देश की टॉप जांच ऐजेंसियों की साख पर सवाल उठाने वाले, कोर्ट के एक निर्णय की आज पूरे देश में चर्चा है। वजह है जिस ‘शराब घोटाले’ को आधार बनाकर महीनों तक दिल्ली के CM और डिप्टी CM को सलाखों के पीछे रखा गया, (Vande Bharat IBC24 News) अपने फैसले में कोर्ट ने उसे पूरी तरह से खारिज कर सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया, इतना ही नहीं 500+ पन्नों के निर्णय में कोर्ट ने CBI को ऐतिहासिक फटकार भी लगाई।
कथित ‘शराब घोटाले’ पर क्या कहा कोर्ट ने?
2 साल का शोर, हजारों पन्नों की चार्जशीट, सैकड़ों गवाह और नतीजा शून्य! दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आज उस कथित शराब घोटाले की हवा निकाल दी, जिसे आधार बनाकर विपक्ष को कुचलने की कोशिश की गई थी। जज जितेंद्र सिंह ने साफ लफ्जों में कहा कि CBI की पूरी थ्योरी ‘ठोस सबूतों’ पर नहीं, बल्कि ‘खयाली पुलाव’ और ‘अनुमानों’ पर टिकी थी। ये CBI के इतिहास की सबसे बड़ी फजीहतों में से एक है। कोर्ट ने न केवल 23 आरोपियों को बरी किया, बल्कि जांच अधिकारी के खिलाफ भी जांच के आदेश दे दिए। जज ने तल्ख टिप्पणी की कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को बिना सबूत जेल भेजना कानून का मजाक उड़ाना है। कोर्ट ने पूछा- जब सबूत ही नहीं थे, तो केस की ये कहानी क्यों गढ़ी गई?
भावुक हुए पूर्व CM केजरीवाल
वही आम आदमी पार्टी अब हमलावर है। संजीव झा ने CBI को आईना दिखाया, तो वहीं कोर्ट के बाहर अरविंद केजरीवाल के आंसू छलक पड़े। केजरीवाल ने दो टूक कहा कि ये भाजपा की वो साजिश थी, जिसका मकसद ‘आप’ को जड़ से खत्म करना था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज सत्य की जीत हुई।
अब क्या रास्ता अपनाएगी भाजपा?
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस मौके पर भाजपा की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। पवन खेड़ा ने इसे भाजपा का ‘इलेक्शन स्टंट’ बताया। पवन खेड़ा ने कहा कि, चुनाव से पहले प्रतिद्वंद्वियों को कमजोर करना भाजपा का पुराना पैंतरा है। उधर, भाजपा अब ‘तकनीकी खामी’ का बात कह रही है। (Vande Bharat IBC24 News) सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि वो फैसले का अध्ययन करेंगे, लेकिन सवाल ये है कि जब अदालत ने कह दिया कि ‘साजिश की कहानी गढ़ी गई’, तो अब अध्ययन के लिए बचा क्या है? वैसे आज के फैसले ने न सिर्फ अरविंद केजरीवाल की साख बहाल की है, बल्कि CBI को कठघरे में खड़ा कर दिया है। क्या ये एजेंसियां अब सिर्फ राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रही हैं? ये सवाल अब जनता के बीच गूंज रहा है।

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