दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न करीब तीन बजे शाम सवा पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा शुरू कराने का प्रयास किए। लेकिन विपक्ष के कई सदस्य आसन के समीप आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
उपसभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत होने और विधेयक पर चर्चा करने की अपील की। लेकिन सदन में हंगामा कर रहे सदस्यों पर उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। हंगामा थमते नहीं देख उन्होंने बैठक शाम सवा पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
यह विधेयक उच्च सदन में शुक्रवार को पेश किया गया था, जिसके प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान डालना या उसका अपमान आपराधिक कृत्य माना जायेगा और इसके लिए तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस विधेयक के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है।
इससे पहले इसी मुद्दे पर हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक तीन बार स्थगित हुई। पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सदस्यों से शून्यकाल के तहत लोक महत्व के मुद्दे उठाने के लिए कहा।
इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे के कारण सदन की बैठक पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर दो बजे तक और उसके बाद अपराह्न तीन बजे तक के स्थगित कर दी गई।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले सप्ताह एक भी दिन सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।
भाषा अविनाश मनीषा अविनाश माधव
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