रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिकी की ‘रियायत’ भारत का अपमान: भाकपा

रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिकी की ‘रियायत’ भारत का अपमान: भाकपा

रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिकी की ‘रियायत’ भारत का अपमान: भाकपा
Modified Date: March 6, 2026 / 06:26 pm IST
Published Date: March 6, 2026 6:26 pm IST

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारतीय तेलशोधक कंपनियों को ‘‘रियायत’’ देने की अमेरिका की घोषणा को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और इसे संप्रभु भारत का ‘‘अपमान’’ बताया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में भाकपा नेता पी संदोश कुमार ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत की विदेश नीति ‘गुटनिरपेक्षता के अपने मूलभूत सिद्धांतों से भटक गई है’।

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ युद्ध से पश्चिम एशिया को व्यापक और खतरनाक संघर्ष में उलझाने का खतरा है, भारत भर में कई लोग चिंतित हैं कि देश की विदेश नीति का रुख गुटनिरपेक्षता, रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता के सम्मान के सिद्धांतों से भटक गया है।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत को अपनी स्वतंत्र रणनीतिक प्राथमिकताओं को मजबूती से आगे बढ़ाने के बजाय खुद को अमेरिका और इजराइल के हितों के साथ जोड़ने वाला माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा की गई टिप्पणी भारत जैसे संप्रभु राष्ट्र के लिए अपमानजनक है।

बेंसेट ने कहा है कि वैश्विक बाजार में तेल की उपलब्धता जारी रखने के लिए अमेरिकी वित्त विभाग भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे रहा है।

भाषा हक

हक माधव

माधव


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