अमेरिकी सांसद राइली मूर एफसीआरए विधेयक को लेकर अफवाह फैलाना बंद करें : विहिप
अमेरिकी सांसद राइली मूर एफसीआरए विधेयक को लेकर अफवाह फैलाना बंद करें : विहिप
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप)ने बुधवार को अमेरिकी सांसद राइली मूर की आलोचना करते हुए कहा कि वह विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर ‘अफवाहें फैलाना’ बंद करें।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध विहिप ने मूर पर ऐसे संगठनों का बचाव करने का आरोप लगाया जो कथित तौर पर विदेशी चंदे का दुरुपयोग करते हैं। विहिप ने कहा कि अमेरिकी सांसद भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करें।
विहिप का यह बयान मूर द्वारा मंगलवार को की गई टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों से भारत सरकार को चर्च और धार्मिक परमार्थ संगठनों को अपने नियंत्रण में लेने की अनुमति मिल जाएगी और यह ईसाइयों पर सीधा हमला होगा।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर किये गए एक पोस्ट में मूर के दावों पर सवाल उठाए और उनसे प्रस्तावित कानून के उन प्रावधानों को बताने की चुनौती दी, जिनके आधार पर उन्होंने दावे किये थे।
बंसल ने कहा, ‘‘कृपया बताएं कि विदेशी अशंदान विनियमन (एफसीआरए) संशोधन विधेयक के कौन से प्रावधान भारत में चर्च और धार्मिक परमार्थ संस्थाओं को सरकार द्वारा अपने नियंत्रण में लेने की अनुमति देते हैं, जिन्हें ईसाइयों पर हमले के तौर पर देखा जा सकता है, या जो भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी चिंता का विषय बन सकते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि इन संशोधनों से वे लोग रुकेंगे ‘‘जो परमार्थ कार्यों के नाम पर विदेश से चंदा तो लेते हैं, लेकिन उसका इस्तेमाल अवैध धर्मांतरण, भारत-विरोधी, ‘डीप स्टेट’ और देश को अस्थिर करने वाली राजनीतिक गतिविधियों के लिए करते हैं।’’
बंसल ने कहा, ‘‘आपकी चिंता समझी जा सकती है। कृपया अफवाहें फैलाना बंद करें।’’
विहिप प्रवक्ता ने अपनी पोस्ट में विदेश मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को टैग करते हुए उनसे ‘‘ऐसे झूठों और दुष्प्रचार करने वालों पर नजर रखने’’ की अपील की।
सरकार द्वारा प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026 में एक ‘‘नामित प्राधिकार’’ बनाने का प्रावधान है। यह प्राधिकार जब किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण रद्द किया जाएगा या संगठन लाइसेंस वापस सौंपेगा या नवीनीकरण नहीं कराएगा, तो उस स्थिति में उक्त संगठन को मिले विदेशी चंदे और उससे बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन करेगा।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप

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