बहराइच (उप्र), 25 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बहराइच वन प्रभाग क्षेत्र में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब डेढ़ साल की एक मादा तेंदुआ गांव में घुस आई। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए, जबकि डर के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर चढ़ गए। बाद में वन विभाग की टीम ने तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित पकड़ लिया और चिकित्सकीय जांच के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया।
प्रभागीय वनाधिकारी सुन्दरेशा ने सोमवार को बताया कि चकिया रेंज के मौजीपुरवा गांव में सुबह ग्रामीणों ने एक अर्धवयस्क तेंदुए को घूमते देखा। उन्होंने बताया कि तेंदुए को देखते ही गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
उन्होने बताया कि इसी दौरान घबराए तेंदुए ने फजलुर रहमान, जुबेर और नसीम पर हमला कर दिया, जिससे तीनों को हल्की चोटें आईं।
अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और शोर एवं भीड़ से परेशान तेंदुआ एक घर में घुस गया। स्थिति को संभालने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने मिलकर घर के दरवाजे को बल्लियों और जाल की मदद से बंद कर दिया, ताकि तेंदुआ बाहर न निकल सके।
डीएफओ ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। वन विभाग के बेहोश करने वाले विशेषज्ञों के एक दल ने पिछली दीवार तोड़कर अंदर गये और वहां छिपे तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन दिया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उसे जाल की सहायता से पकड़कर सुरक्षित पिंजरे में बंद कर लिया गया।
पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जांच में यह सामने आने के बाद कि तेंदुआ अत्यधिक आक्रामक नहीं है, उच्च अधिकारियों की अनुमति से उसे रूपईडीहा क्षेत्र के घने जंगल में छोड़ दिया गया।
वन विभाग के अनुसार पकड़ी गई तेंदुआ करीब डेढ़ वर्ष की अर्धवयस्क मादा है।
भाषा सं जफर मनीषा रंजन
रंजन