उत्तराखंड: भूमि धोखाधड़ी के 24 मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश

उत्तराखंड: भूमि धोखाधड़ी के 24 मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश

उत्तराखंड: भूमि धोखाधड़ी के 24 मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश
Modified Date: May 2, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: May 2, 2026 7:13 pm IST

देहरादून, दो मई (भाषा) उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी से संबंधित अत्यंत गंभीर 24 मामलों में शनिवार को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए । अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में यहां हुई भूमि धोखाधड़ी समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक में 125 मामलों की सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए गए।

समन्वय समिति की बैठक को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए पांडेय ने कहा कि हर 15 दिनों के अंतराल में भूमि धोखाधड़ी से संबंधित मामलों की समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने बताया, ‘‘ताजा बैठक में कुल 125 प्रकरणों पर विचार किया गया। इनमें से 24 प्रकरण अत्यंत गंभीर पाए गए जिनमें पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं।’’

आयुक्त ने कहा कि ये मामले विशेष रूप से जमीन पर तार लगाकर अवैध कब्जा करने तथा जमीन को खुर्द-बुर्द करने (जमीन की हेराफेरी) से संबंधित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जांच में बिना जमीन के ही उसकी बिक्री करने, कहीं खसरा नंबर में हेरफेर कर अलग जगह भूमि देने, कहीं दो बीघा भूमि को चार बीघा बताकर बेचने जैसे गंभीर फर्जीवाड़े उजागर हुए। इसके अतिरिक्त अवैध कब्जे की भी शिकायतें है।’’

पांडेय ने बताया कि इन 24 मामलों के अलावा 45 अन्य प्रकरणों का निपटारा भी किया गया। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया जबकि कुछ में लेन-देन की समस्या प्रशासनिक हस्तक्षेप से सुलझ गई और धनराशि वापस कर दी गई ।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा कुछ प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं जिनका निस्तारण उसी के माध्यम से होगा।

आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति के तहत भूमि धोखाधड़ी के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य सभी प्रकरणों में विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।

भाषा दीप्ति राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में