उत्तराखंड में नये साल का पहला हिमपात, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिछी बर्फ की मोटी चादर

उत्तराखंड में नये साल का पहला हिमपात, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिछी बर्फ की मोटी चादर

उत्तराखंड में नये साल का पहला हिमपात, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिछी बर्फ की मोटी चादर
Modified Date: January 23, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: January 23, 2026 10:31 pm IST

देहरादून, 23 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को मौसम ने करवट ली और इस साल के पहले हिमपात में राज्य के ऊंचाई वाले लगभग सभी इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के ज्यादातर निचले इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में भी सुबह से ही लगातार बारिश होने से कड़ाके की ठंड लौट आयी।

उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में विभिन्न स्थानों जैसे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मसूरी, चकराता, धनोल्टी, मुनस्यारी में काफी अधिक बर्फबारी हुई जबकि नैनीताल के चाइना पीक और किलबरी, अल्मोड़ा के दूनागिरी और पौड़ी के ताड़केश्वर जैसे ऊंचे इलाके भी बर्फ की चादर से ढक गए।

नैनीताल शहर में बारिश के साथ ओले भी पड़े।

बर्फबारी से स्थानीय लोगों और कारोबारियों के साथ ही पर्यटकों के चेहरे भी खिल गए। हिमपात के वीडियो भी लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू कर दिया जिनमें सड़कें, पेड़ और मकान सब सफेद चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं। वीडियो में मसूरी में मॉल रोड और अन्य स्थानों पर पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ लेते नजर आ रहे हैं।

लंबे समय से बारिश और बर्फबारी के इंतजार में आंखें बिछाए बैठे किसानों, सेब उत्पादकों और बागवानों के चेहरे भी खिल गए हैं।

हालांकि, राज्य में लगातार बर्फबारी और बारिश ने कई जगहों पर सामान्य जनजीवन को प्रभावित भी किया जहां सड़कें यातायात के लिए अवरूद्ध हो गयीं तथा बिजली की आपूर्ति ठप्प हो गयी।

चमोली जिले में औली स्थित नेशनल स्कीइंग सेंटर के लिए जाने वाला जोशीमठ-औली मार्ग तथा रुद्रप्रयाग-पोखरी-गोपेश्वर मार्ग बर्फ जमने के कारण यातायात के लिए बंद हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मार्गों को यातायात के लिए सुचारू करने के लिए उन पर जमी बर्फ हटायी जा रही है।

चमोली जिला प्रशासन ने आम लोगों से इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने का अनुरोध किया है।

उत्तरकाशी जिले में बड़कोट, पुरोला, मोरी में बर्फबारी के कारण राड़ीटॉप के पास बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गयीं जिसके कारण बिजली व्यवस्था ठप्प हो गयी जिसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, देर शाम तक पूरी यमुना घाटी अंधरे के आगोश में है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तथा निचले इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका भी जतायी गयी है।

बर्फबारी और बारिश से प्रदेश में कड़ाके की ठंड लौट आयी है और लोग ठंड से बचने के लिए घरों में ही रहे। अधिकतर जगहों पर बृहस्पतिवार के मुकाबले दिन के तापमान में गिरावट आयी और पारा सामान्य से नीचे लुढ़क गया।

मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून में शुक्रवार को अधिकतम तापमान गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जो बृहस्पतिवार के मुकाबले 12 डिग्री सेल्सियस कम है। इसी प्रकार मसूरी में बृहस्पतिवार के मुकाबले शुक्रवार को अधिकतम तापमान में 11.5 डिग्री सेल्सियस तथा मुक्तेश्वर में आठ डिग्री सेल्सियस की कमी आयी।

इसी बीच, बर्फबारी और शीतलहर की स्थिति को देखते हुए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों की छुटटी कर दी गयी है।

भाषा

दीप्ति

रवि कांत


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