वाजपेयी की ‘राजधर्म’ के प्रति निष्ठा ने उन्हें देश का सबसे समावेशी नेता बनाया: एम एम जोशी

वाजपेयी की 'राजधर्म' के प्रति निष्ठा ने उन्हें देश का सबसे समावेशी नेता बनाया: एम एम जोशी

वाजपेयी की ‘राजधर्म’ के प्रति निष्ठा ने उन्हें देश का सबसे समावेशी नेता बनाया: एम एम जोशी
Modified Date: February 22, 2026 / 01:11 am IST
Published Date: February 22, 2026 1:11 am IST

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने शनिवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एकमात्र ऐसे ‘‘समावेशी नेता’’ थे, जो अपने राज धर्म और संगठन धर्म का पालन करते हुए पूरे देश को एकजुट करने और उसे आगे बढ़ाने में सक्षम रहे।

वाजपेयी के जीवन पर आधारित एक कॉफी टेबल पुस्तिका के विमोचन के अवसर पर जोशी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत का मंत्र दिया, जिसका अर्थ है मानवता, लोकतंत्र और कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण, और यह एक समृद्ध लोकतंत्र की नींव है।

जोशी ने कहा, ‘‘कश्मीरियत का अर्थ है देश का राष्ट्रीय चरित्र और पहचान। ‘जम्हूरियत’ का अर्थ है लोकतंत्र, और तीसरा है ‘इंसानियत’। उन्होंने जीवन के लिए यही मंत्र दिया।’’

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ये सिद्धांत कायम रहेंगे, भारत और उसका लोकतंत्र फलता-फूलता रहेगा।

जोशी ने कहा कि वाजपेयी के भाजपा अध्यक्ष के रूप में तथा प्रधानमंत्री के कार्यकाल में एक भी ऐसा उदाहरण नहीं मिलता जब उन्होंने राज धर्म, संगठन धर्म या गठबंधन धर्म का पालन न किया हो।

भाषा खारी वैभव

वैभव


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