vande bharat train? image source: BJYMAssamPrdsh X HANDLE
नई दिल्ली: Vande Bharat Sleeper Express का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। भारतीय रेलवे अगले सप्ताह से इस नई ट्रेन को गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर शुरू करने जा रही है। Vande Bharat Sleeper Express वंदे भारत सीरीज की पहली स्लीपर ट्रेन होगी। अब तक वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयर कार थीं, लेकिन इस बार लंबी दूरी के यात्रियों को आरामदायक बर्थ और नींद का विकल्प मिलेगा।
हालांकि यात्रियों को कुछ नई सीमाओं के लिए तैयार रहना होगा। Vande Bharat Sleeper Express ट्रेन में RAC (Reservation Against Cancellation) या वेटलिस्ट सुविधा नहीं होगी। यानी सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही यात्रा कर पाएंगे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 400 किमी की दूरी के लिए ही टिकट उपलब्ध होगा। टिकट एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के आधार पर ही जारी किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह Vande Bharat Sleeper Express ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन करेंगे। अन्य वंदे भारत ट्रेनों की तरह, इसमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए सीटों का कोटा रखा गया है। रेल मंत्रालय ने बताया कि ट्रेन की गति 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच होगी और यह असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कनेक्ट करेगी।
किराया Vande Bharat Sleeper Express का इस बार थोड़ा ज्यादा रखा गया है। 3एसी के लिए प्रति किलोमीटर 2.4 रुपये, 2एसी के लिए 3.1 रुपये और 1एसी के लिए 3.8 रुपये प्रति किलोमीटर का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि न्यूनतम किराया थर्ड एसी में 960 रुपये, सेकंड एसी में 1240 रुपये और फर्स्ट एसी में 1520 रुपये होगा। यह किराया GST सहित नहीं है।
Vande Bharat Sleeper Express में कुल 16 डिब्बे होंगे, जिनमें 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी डिब्बा शामिल होगा। कुल 823 सीटों में से 611 सीटें थर्ड एसी, 188 सीटें सेकंड एसी और 24 सीटें फर्स्ट एसी के लिए होंगी। यात्रियों को पर्याप्त स्थान और आराम के लिए बर्थ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई हैं।
इसके अलावा Vande Bharat Sleeper Express में कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें बेहतर कुशनिंग के साथ आरामदायक बर्थ, स्वचालित दरवाजे और वेस्टिब्यूल, सस्पेंशन सुधार, शोर कम करने वाली तकनीक, स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (Kavach) और आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा ट्रेन में उच्चतम स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए कीटाणुनाशक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया है।