कोहिमा, 12 अगस्त (भाषा) नगालैंड के एक प्रभावशाली छात्र संगठन ने बुधवार को कहा कि स्कूलों को स्वतंत्रता दिवस के उन कार्यक्रमों में अपने छात्रों को नहीं भेजना चाहिए जहां ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया जाना अनिवार्य हो।
नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के अनुसार, राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के अनुकूल नहीं है।
एनएसएफ ने अपनी संबद्ध इकाइयों और अधीनस्थ निकायों को निर्देश दिया है कि जब तक संशोधित राष्ट्रगीत को अनिवार्य रूप से गाने का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे शिक्षण संस्थानों को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में छात्रों को भेजने से रोकें।
संगठन ने एक बयान में स्पष्ट किया कि उसे स्वतंत्रता दिवस मनाने या राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उचित सम्मान प्रकट करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि, उसने कहा कि उसकी चिंता छात्रों से अनिवार्य रूप से ‘वंदे मातरम’ गवाए जाने को लेकर है, विशेष रूप से उस स्थिति में जब इसके धार्मिक स्वरूप से गैर-हिंदू समुदायों के छात्रों की भावनाएं प्रभावित होती हों।
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