Chhattisgarh Liquor Scam: शराब घोटाले का करोड़ों रुपए कैसे पहुंता था ‘राजीव भवन’? ईडी ने किया बड़ा खुलासा, मनी ट्रेल को लेकर खोला राज

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Chhattisgarh Liquor Scam: शराब घोटाले का करोड़ों रुपए कैसे पहुंता था 'राजीव भवन'? ईडी ने किया बड़ा खुलासा, मनी ट्रेल को लेकर खोला राज

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  • Publish Date - August 13, 2026 / 09:09 AM IST,
    Updated On - August 13, 2026 / 10:11 AM IST

Chhattisgarh Liquor Scam | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार
  • ईडी ने रामगोपाल की घोटालों में भूमिका पर जारी किया बड़ा बयान
  • कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के रूप में मिलने का खुलासा

रायपुर: Chhattisgarh Liquor Scam प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के 3,000 करोड़ रुपये के कथित शराब स्कैम में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के बाद आज रामगोपाल की घोटालों पर भूमिका को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। विशेष PMLA कोर्ट से रिमांड पर लेने के बाद अपने बयान में ईडी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के तौर पर भूमिका का आरोप

Chhattisgarh Liquor Scam बयान के मुताबिक, इस पूरे शराब घोटाले से जो बेहिसाब नकदी पैदा हुई, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल को दिया गया था, यह राशि उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के रूप में प्राप्त की थी। ईडी ने मनी ट्रेल का खुलासा करते हुए बयान में यह भी कहा कि शराब-कोल सिंडिकेट के गुर्गों के जरिए करोड़ों रुपये की यह अवैध नकदी रायपुर स्थित ‘राजीव भवन’ में रामगोपाल को डिलीवर की गई थी।

घोटालों की कमाई एडजस्ट करने का आरोप

ईडी ने अधिकृत बयान में कहा कि घोटालों के कैश को मूव और हैंडल करने वाले गवाहों ने धारा 50 (PMLA) के तहत दिए अपने बयानों में रामगोपाल की अहम भूमिका की पुष्टि की है। ED ने बताया कि साल 2019 से 2023 के बीच राज्य के आबकारी विभाग में एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय था। इस सिंडिकेट ने डिस्टिलर्स से सालाना कमीशन वसूलने और विदेशी शराब कंपनियों पर दबाव बनाकर करीब 3,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया, जिसमें रामगोपाल अग्रवाल मुख्य कड़ियों में से एक थे।

पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड

ईडी ने अपने बयान में दावा किया कि रामगोपाल अग्रवाल को पूछताछ के लिए पहले चार बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वे पेश नहीं हुए, बाद में जब उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने जांच एजेंसी को भ्रामक और गोलमोल जवाब दिए। जिसके बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से जहां वे पहले से EOW की न्यायिक हिरासत में थे। ईडी ने एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी देते हुए बताया है कि रामगोपाल 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर पूछताछ जारी है और इस मामले में आगे की जांच भी जारी बताई है।

कौन हैं रामगोपाल अग्रवाल?

रामगोपाल अग्रवाल 1980 में कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। वह लगातार पार्टी के लिए कर्मठ कार्यकर्ता बने रहे। साल 2013 में उन्हें छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। बीच में ऐसी संभावनाएं बनीं कि वह चुनाव लड़ सकते हैं कि वह चुनाव नहीं लड़ पाए और संगठन में ही काम करते रहे। बाद में साल 2023 में ईडी ने उनके कई ठिकानों पर छापा मारा था, तब से ही वह फरार चल रहा था। अब EOW ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की राशि कितनी है?

लगभग 3,000 करोड़ रुपये।

रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका क्या बताई गई है?

ईडी के अनुसार, घोटाले से उत्पन्न नकदी का बड़ा हिस्सा उन्हें दिया गया।

यह सिंडिकेट कब सक्रिय था?

2019 से 2023 के बीच।