दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 15 अगस्त से लागू होगी परिवर्तनीय गति सीमा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 15 अगस्त से लागू होगी परिवर्तनीय गति सीमा
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को अपनी तरह की पहली परियोजना के तहत 15 अगस्त से यात्रा के समय के आधार पर अलग-अलग गति सीमा का पालन करना होगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
गाजियाबाद और नोएडा जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख शहरों से गुजरने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर कारों और भारी वाहनों के लिए गति सीमा एक जैसी रही है।
‘परिवर्तनीय गति सीमा’ प्रायोगिक परियोजना के तहत एक्सप्रेसवे के दिल्ली वाले हिस्से पर गति सीमा सड़क पर यातायात के दबाव के हिसाब से तय होगी।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सतीश चंद्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘परिवर्तनीय गति सीमा परियोजना का पहला चरण 15 अगस्त से एक्सप्रेसवे के अक्षरधाम और सराय काले खां के बीच लागू किया जाएगा। यह देश में इस तरह की पहली परियोजना होगी।’
योजना के अनुसार, रात 12 बजे से सुबह सात बजे तक कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 65 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। वहीं, सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक कारों की गति सीमा 55 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों की 45 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। शाम पांच बजे से रात 12 बजे तक कारों के लिए यह सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
अधिकारियों ने बताया कि भ्रम की स्थिति से बचने के लिए डीएमई पर लगे पुराने गति सीमा संकेतक बोर्ड को या तो ढक दिया गया है या उन्हें धुंधला कर दिया गया है।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) ने एक्सप्रेसवे पर विशेष सेंसर लगाए हैं, जो वाहनों की आवाजाही से जुड़े आंकड़े दर्ज करेंगे।
सीआरआरआई के साथ इस परियोजना पर काम कर रहे चंद्रा ने कहा, ‘शोधकर्ताओं ने पिछले कुछ महीनों में एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे के ट्रैफ़िक डेटा का अध्ययन किया और फिर गति सीमा तय कीं। इस परियोजना का मुख्य मकसद सड़कों पर भीड़ और दुर्घटनाओं को कम करना है। हम तीन महीने के अंतराल पर डेटा इकट्ठा करेंगे और ज़मीन पर परियोजना के वास्तविक प्रभाव का आकलन करेंगे।’
भाषा
शुभम नरेश
नरेश

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