नगालैंड के युवाओं से जिम्मेदार नेता बनने व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का उपराष्ट्रपति का आग्रह

नगालैंड के युवाओं से जिम्मेदार नेता बनने व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का उपराष्ट्रपति का आग्रह

नगालैंड के युवाओं से जिम्मेदार नेता बनने व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का उपराष्ट्रपति का आग्रह
Modified Date: March 6, 2026 / 07:22 pm IST
Published Date: March 6, 2026 7:22 pm IST

(फोटो के साथ)

कोहिमा, छह मार्च (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को नगालैंड विश्वविद्यालय के स्नातकों से जिम्मेदार नेता बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास के लिए शांति, एकता और चरित्र आवश्यक हैं।

ज़ुन्हेबोतो जिले के लुमामी में नगालैंड विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की सच्ची सफलता न केवल उसके द्वारा दिए जाने वाले ज्ञान में निहित है, बल्कि उसके माध्यम से तैयार किए जाने वाले नेताओं में भी निहित है।

उन्होंने स्नातकों से कहा, ‘‘दीक्षांत समारोह रास्ते का अंत नहीं बल्कि एक नयी यात्रा की शुरुआत है’’ और छात्रों से तेजी से बदलती दुनिया के अनुकूल ढलने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उद्देश्यपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने का आग्रह किया।

राधाकृष्णन ने कहा कि यह नगालैंड की उनकी पहली यात्रा है। उन्होंने राज्य की जीवंत परंपराओं की प्रशंसा की और इसे एक ऐसी जगह बताया जहां प्रकृति, संस्कृति और साहस का सामंजस्यपूर्ण मिश्रण है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विविधता साझा आदर्शों से निहित है। उन्होंने नगालैंड के युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) जैसी राष्ट्रीय सेवाओं में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है और कहा कि एक ‘विकसित नगालैंड’ एक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान देगा।

फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) समझौते का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नगालैंड के समग्र विकास के लिए शांति और आपसी सम्मान आवश्यक हैं।

उन्होंने राज्य के विकास में राज्यपाल के योगदान को भी स्वीकार किया।

उपराष्ट्रपति ने युवाओं से अपील की कि वे नशीले पदार्थों से दूर रहें और अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों को भी मादक द्रव्यों के सेवन से मुक्त रहने के लिए प्रोत्साहित करें।

पूर्वोत्तर में विकास पहल पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘‘पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल’’ (पीएम-डिवाइन) का उल्लेख किया और बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में इस क्षेत्र के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं।

दीक्षांत समारोह के दौरान नगालैंड विश्वविद्यालय ने 6,884 छात्रों को डिग्री प्रदान की।

नगालैंड के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर अजय कुमार भल्ला ने कहा कि राज्य के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नगालैंड विश्वविद्यालय की उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में कार्य करने की विशेष जिम्मेदारी है।

उपमुख्यमंत्री टी आर जेलियांग ने इस अवसर को छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया और युवाओं से शांति के दूत बनने तथा राज्य और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आग्रह किया।

भाषा सुरभि अविनाश

अविनाश


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