तिरुवनंतपुरम, तीन सितंबर (भाषा) वरिष्ठ माकपा नेता थॉमस आइजक ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के संबंध में टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित उनके वीडियो क्लिप में वही बातें थीं, जिन्हें पार्टी की राज्य और केंद्रीय समितियों ने मंजूरी दी है।
वीडियो क्लिप में पूर्व वित्त मंत्री को यह कहते हुए सुना गया कि उम्मीदवारों का चयन मतदाताओं के मौजूदा रुझान को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए था।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि माकपा ने सहकारी बैंकों में भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की हार के कारणों के तौर पर उठाया था।
आइजक ने संवाददाताओं से कहा कि चुनाव को लेकर पार्टी में व्यापक चर्चा के बाद राज्य और केंद्रीय समितियों ने दो दस्तावेजों को मंजूरी दी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें जो कहा गया है, उसके अलावा कुछ नहीं कहा गया। इसलिए मैं हैरान हूं… आपने इसे इतना बड़ा विवाद कैसे बना दिया?’’
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों को लेकर विवाद पैदा करने की कोई कोशिश नहीं होनी चाहिए।
आइजक ने कहा, ‘‘जो वास्तव में कहा गया है, उसे पढ़िए। जो कहा ही नहीं गया, उसके बीच की पंक्तियां पढ़कर विवाद गढ़ने की कोई जरूरत नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां पूरी तरह केंद्रीय समिति के प्रस्ताव पर आधारित थीं और प्रसारित क्लिप उनके करीब एक घंटे लंबे भाषण तथा बातचीत के केवल एक छोटे हिस्से की थी।
आइजक ने कहा, ‘‘वह सब कुछ नहीं था जो कहा गया था; वह एक घंटे तक चला भाषण और संवाद था। यह उसका केवल पांच मिनट का हिस्सा है। क्या उन पांच मिनटों में केंद्रीय समिति के प्रस्ताव को समझाया जा सकता है?’’
भाषा मनीषा वैभव
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